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सुप्रीम कोर्ट ने दायर 25 याचिकाओं को एक ही आदेश में खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने एक ही आदेश में 25 अलग-अलग जनहित याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिन्हें याचिकाकर्ता सचिन गुप्ता ने विभिन्न सामाजिक और नीतिगत मुद्दों पर दायर किया था. सुनवाई के दौरान खुद याचिकाकर्ता ने इन याचिकाओं को वापस लेने की इच्छा जताई, जिस पर कोर्ट ने अनुमति दे दी. इस दौरान कोर्ट ने याचिकाओं की प्रकृति और तरीके पर कड़ी टिप्पणी भी की.

25 petitions rejected,

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सचिन गुप्ता द्वारा दायर 25 याचिकाओं को एक साथ खारिज कर दिया. ये याचिकाएं अलग-अलग विषयों जैसे हथियारों के उपयोग की नीति, सामाजिक उत्थान, टीवी कार्यक्रमों की दिशा-निर्देश, और अन्य जनहित मुद्दों से जुड़ी थीं. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने स्वयं सभी याचिकाएं वापस लेने की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. कोर्ट ने पहले भी याचिकाकर्ता की कई याचिकाओं को “अस्पष्ट और आधारहीन” बताते हुए खारिज किया था, और इस बार भी याचिकाओं की गंभीरता और प्रासंगिकता पर सवाल उठाए गए. चलिए जानते है पूरा मामला:

दायर 25 याचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यक्ति की ओर से दायर 25 याचिकाओं को एक ही आदेश में खारिज कर दिया है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने अलग-अलग मांग को लेकर दायर 25 याचिका को खारिज कर दिया है. याचिकाकर्ता सचिन गुप्ता ने कोर्ट में खुद पेश होकर कहा कि वो दायर सभी याचिकाओं को वापस लेना चाहते है. जिसकी कोर्ट ने अनुमति दे दिया.

सही समय आने पर होगी सुनवाई

सीजेआई सूर्यकांत ने वकील को सलाह दिया कि सही समय आने पर हम इन मामलों पर भी सुनवाई करेंगे, लेकिन पहले लोगों को जागरूक करने और मुद्दों से निपटने का प्रयास करें. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि जनहित याचिका कथित तौर पर जनहित में है, लेकिन सुनवाई नहीं होगी. सीजेआई ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आपको सीधे कोर्ट आने के बजाए संबंधित प्राधिकरणों के पास जाकर उन्हें जागरूक करना चाहिए. जब उचित समय आएगा, तब हम आपकी याचिका पर विचार करेंगे.

उन्होंने आगे कहा कि एक वकील होने के नाते याचिकाकर्ता को मुद्दों का विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से अध्ययन करना चाहिए और पहले अधिकारियों को संवेदनशील बनाने की कोशिश करना चाहिए. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अभी अपना पूरा ध्यान अपने पेशे पर लगाइए. जब सही समय आएगा, तब हम इन मामलों पर भी विचार करेंगे. लेकिन सबसे पहले लोगों को जागरूक करने और असल मुद्दों को सुलझाने की कोशिश करें.

सुप्रीम कोर्ट की याचिकाकर्ता को फटकार

दायर याचिकाओं में बंदूक के इस्तेमाल पर नीति, कानून की जागरूकता से जुड़े टीवी कार्यक्रम के लिए नीति, भिखारियों, बच्चों, ट्रांसजेंडर, महिलाओं के उत्थान, सरकार अधिकारियों और न्यायपालिका द्वारा सोशल मीडिया उपयोग के नियमन, हथियारों के उपयोग पर नीति, आपराधिक मामलों में सजा से जुड़े दिशा-निर्देशों की मांग शामिल थी. इसके अलावे अन्य मांगों में “पब्लिक वेलफेयर डे” घोषित करना, दालों की प्रोसेसिंग के मानकों में बदलाव, अलग-अलग आयु वर्ग के लिए स्मार्टफोन विकसित करना, पशु कल्याण के उपाय और बोन चाइना उत्पादों के नियमन जैसी बातें भी शामिल थी.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सचिन गुप्ता की ओर से दायर पांच याचिकाओं को खारिज कर दिया था. दायर एक जनहित याचिका में मांग की गई थी कि प्याज और लहसुन में तामसिक यानी नकारात्मक ऊर्जा होती है या नहीं. सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता सचिन गुप्ता को फटकार लगाते हुए कहा था कि आप आधी रात को ये सारी याचिकाएं तैयार करते हो? सीजेआई ने इन याचिकाओं को अष्पष्ट, असंगत और बिना आधार वाली बताया था.

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-भारत एक्सप्रेस 

Written By: Shubhra Rai (Intern) 



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