सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री को लेकर एक अखबार की रिपोर्ट के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया है. पेपर की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट की पाबंदियों के मुताबिक दिल्ली के बाजारों में हर तरह के पटाखे खुलेआम बिक रहे है. जस्टिस एम. एम सुंदरेश ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि आज एक दैनिक समाचार की रिपोर्ट में एक तस्वीर छपी है.
इसमें कहा गया है कि कल के आदेश के बावजूद पटाखों की दुकानों पर अब सब कुछ मिल रहा है, कृपया इस पर ध्यान दें. रिपोर्ट के अनुसार बाजार में हर तरह के पटाखे चाहे वे लाइसेंस वाले हों या बिना लाइसेंस वाले, QR कोड वाले हों या बिना QR कोड़ वाले सब कुछ उपलब्ध है, कृपया इस बात पर गौर करें.
समाचार पत्र के मुताबिक जिन इलाकों में खुलेआम पटाखे बेचे जा रहे है, उनमें सदर बाजार, शास्त्री नगर, चांदनी चौक, जामा मस्जिद, सरोजनी नगर और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी जैसे बड़े बाजारों में पटाखे खुलेआम बेचे जा रहे है. एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखे जलाने की हरी झंडी दे दिया था.
शांत क्षेत्रों में घोषित होंगे नो क्रैकर जोन
कोर्ट के आदेश के मुताबिक 7 और 8 नवंबर नवंबर 2026 को सुबह 6 से 7 बजे तथा रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे. अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों, शिक्षण संस्थानों और अधिसूचित शांत क्षेत्रों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर प्रतिबंध रहेगा. इन क्षेत्रों में नो क्रैकर जोन घोषित किया जाएगा.
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल सीएसआईआर-नीरी से प्रमाणित और PESO द्वारा अनुमोदित ग्रीन पटाखों का ही निर्माण किया सकेगा. इनका निर्माण 2 से 6 नवंबर तक रहेगा. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर रोक रहेगी. कोर्ट ने कहा प्रत्येक पैकेट पर उत्पाद और बैच के अनुसार QR कोड अनिवार्य होगा, जिससे निर्माता, पंजीकरण और परीक्षण प्रमाणपत्र की जानकारी मिल सकेगी.
बेरियम युक्त पटाखों, लड़ियों और पारंपरिक पटाखों की बिक्री एवं इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा. इसका उल्लंघन करने पर निर्माताओं और कारोबारियों के लाइसेंस रद्द करने का निर्देश दिया है.
इसके अलावे कोर्ट ने सीपीसीबी और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को 2 से 30 नवंबर तक वायु गुणवत्ता की निगरानी कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है. साथ ही दीपावली के बाद अस्पतालों में प्रदूषण से संबंधित मरीजों की संख्या और संभावित मौतों के आकंड़ों को जुटाने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने पटाखों की बिक्री केवल जिला कलेक्टरों और जिला आयुक्तों की ओर से पुलिस के परामर्श से निर्धारित स्थानों पर ही की जा सकेगी. कोर्ट ने 14 दिसंबर तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट 16 दिसंबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



