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अनिल अंबानी और ADAG ग्रुप की बढ़ी मुश्किलें; सुप्रीम कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी मामले में जारी किया अंतिम नोटिस

अनिल अंबानी और एडीएजी से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI, ED और अन्य पक्षों को जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी, सीबीआई, ईडी और एडीएजी को लेकर दायर याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम मौका दिया है. दायर जनहित याचिका में कंपनी से जुड़े बैंक धोखाधड़ी की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से अनिल अंबानी और एडीएजी को नोटिस तामिल करवाना सुनिश्चित करने को कहा है.

यह याचिका पूर्व आईएएस ई ए एस शर्मा ने दायर की है. दायर याचिका में हजारों करोड़ रुपए के सार्वजनिक धन की हेराफेरी का आरोप लगाया गया है. दायर याचिका में दावा किया गया है कि यह हेराफेरी 2007 से चल रही है, लेकिन इस पर अब जाकर एफआईआर दर्ज किया गया है. याचिकाकर्ता ने जांच सही तरह से नहीं करने का आरोप लगाया है.

दायर याचिका में यह भी कहा है कि 2013 से 2017 के बीच एडीएजी की सहायक कंपनियों रिलायंस इंफ्राटेल और रिलायंस टेलीकॉम ने स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह से 31580 करोड़ रुपए बतौर लोन लिए, लेकिन इन पैसों का व्यापक दुरुपयोग हुआ.

प्रशांत भूषण ने कोर्ट में उठाया सवाल

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां इस बड़े बैंकिंग घोटाले में बैंकों और उनके अधिकारियों की कथित मिलीभगत की जांच नहीं कर रही है. उन्होंने सीबीआई और ईडी को इस मामले में बैंकों और उनके.अधिकारियों के खिलाफ जांच की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है.

दायर याचिका में कहा गया है कि हम ईडी और सीबीआई से स्थिति रिपोर्ट चाहते हैं कि वे क्या जांच कर रहे हैं. याचिका में दावा किया गया है कि 21 अगस्त को सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और ईडी की संबंधित कार्यवाही, कथित धोखाधड़ी के केवल एक छोटे से हिस्से को संबोधित करती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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