असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया हैं. उसे अप्रैल 2023 में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया था. जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ ने हाई कोर्ट को अमृतपाल की ओर से दायर याचिका पर छह सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया हैं.
पुलिस थाने पर हमला करने का आरोप
पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह को पिछले वर्ष एनएसए के तहत गिरफ्तार किया था. अमृतपाल ने खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ावा देने और अजनाला पुलिस थाने पर हमला करने का आरोप हैं. अमृतपाल ने अपनी याचिका में भारत सरकार, पंजाब सरकार के अलावा अमृतसर के डीसी, अमृतसर के एसएसपी (ग्रामीण) और डिब्रूगढ़ जेल के अधीक्षक को भी पक्षकार बनाया था.
व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन
सुनवाई के दौरान अमृतपाल के वकील ने कहा था कि एनएसए लगाना उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन हैं और उनकी हिरासत खत्म की जानी चाहिए. अमृतपाल सिंह पंजाब के खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद निर्वाचित हुआ है. अमृतपाल इस समय असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है. इससे पहले अमृतपाल सिंह ने एनएसए के तहत हिरासत अवधि बढ़ाने के पंजाब सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए रिहाई की मांग की थी.
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत जेल में बंद
अमृतपाल अभी असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है. सिंह ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कथित अपराधों के लिए असम के डिब्रूगढ़ जिले की जेल में बंद हैं. 31 वर्षीय सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जेल से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी. इससे पहले अमृतपाल सिंह ने NSA के तहत हिरासत अवधि बढ़ाने के पंजाब सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए रिहाई की मांग की थी.
-भारत एक्सप्रेस
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