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सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में 2023 में अकोला में हुए दंगों के मामले में गठित एसआईटी जांच पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में 2023 में अकोला में हुए दंगों के मामले में गठित एसआईटी जांच के अपने आदेश पर रोक लगा दिया था. सीजेआई बी आर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने यह आदेश दिया है.

Supreme Court
Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में 2023 में अकोला में हुए दंगों के मामले में गठित एसआईटी जांच के अपने आदेश पर रोक लगा दिया था. सीजेआई बी आर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने यह आदेश दिया है. जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने मामले में दो अपराधों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था, जिसमें हिंदू और मुस्लिम अधिकारियों शामिल थे.

धर्म-जाति से ऊपर उठकर निभाए ड्यूटी

मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट एसआईटी अधिकारियों का चयन कर सकता है. कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने अपने आदेश में टिपण्णी करते हुए कहा था कि पुलिस की वर्दी पहनने के बाद भी अधिकारी को धर्म और जाति से ऊपर उठकर केवल कानून के मुताबिक अपनी ड्यूटी निभानी चाहिए.

कोर्ट ने कहा था कि कानून व्यवस्था संभालने वाले अधिकारी अगर अपने कर्तव्य का पालन धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव के साथ करेंगे, तो यह न्याय प्रणाली और लोकतंत्र दोनों के लिए खतरा है. कोर्ट ने मोहम्मद अफजल मोहम्मद शरीफ की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया था.

हिंसा की नहीं हुई निष्पक्ष जांच

दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि मई 2023 में महाराष्ट्र के अकोला शहर के पुराने इलाके में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा की निष्पक्ष जांच नहीं की गई है. 13 मई 2023 को हुए इस दंगे में विलास महादेव राव गायकवाड़ की मौत हो गई थी और कई लोगों घायल हो गए थे.

याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि दंगों की सही जांच कराई जाए और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सिविल और क्रिमिनल कार्रवाई की जाए, क्योंकि उन्होंने ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरती और जानबूझकर मामले को दबाया जा रहा है.

याचिकाकर्ता ने इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन हाई कोर्ट के नागपुर बेंच ने 25 जुलाई 2024 को राहत देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जिसकी याचिका पर कोर्ट ने यह आदेश दिया है.

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-भारत एक्सप्रे



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