सुप्रीम कोर्ट पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्या के दोषी जगतार सिंह हवारा की ओर से दायर ट्रांसफर याचिका पर 2 सप्ताह बाद सुनवाई करेगा. सीजेआई बी आर गवई और विजय विश्नोई की पीठ ने मामले को दो सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने को कहा हैं.
दिल्ली से पंजाब जेल में ट्रांसफर की मांग
इस मामले की सुनवाई सीजेआई गवई की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही थी, लेकिन गवई 23 नवंबर को रिटायर्ड हो रहे है, जिसके बाद नई बेंच मामले की सुनवाई करेगी. पिछली सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से पेश एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह ने कहा था कि जगतार सिंह हवारा चंडीगढ़ जेल में बंद था.
वहीं उसके खिलाफ केस चल रहा है.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से जवाब मांग चुका है. आतंकवादी जगतार सिंह हवारा ने दिल्ली से पंजाब के किसी जेल में ट्रांसफर करने की मांग की है. हवारा पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है. उसको 2005 में गिरफ्तार किया गया था, तब से वह दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है.
हवारा की ओर से पेश वकील ने कहा कि उसपर दिल्ली में कोई लंबित मामला नहीं है. वह पंजाब में एक पुराने केस की सुनवाई में शामिल नहीं हो पा रहा है, क्योंकि दिल्ली से उसकी पेशी नहीं हो रही है. उसकी 14 वर्षीय बेटी पंजाब में रहती है, लेकिन जेल में होने के कारण वह संपर्क नहीं कर पा रहा है. जेल में उसका आचरण अच्छा रहा है, और पंजाब के जेल महानिदेशक ने 2016 में ही उसके तबादले की सिफारिश की थी.
देश में आतंक फैलाने का काम
हवारा को पिछले साल 18 साल पहले दर्ज एक मामले में निचली अदालत ने बरी कर दिया था. हवारा पर आरोप था कि वह और उसके साथी खालिस्तान बनाने और देश में आतंक फैलाने का काम कर रहे थे. पुलिस को इनमें से एक पिस्टल, पांच कारतूस और 450 ग्राम आरडीएक्स मिला था. बता दें कि हवारा और उसके अन्य साथियों ने 1995 में पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को बम से उड़ा दिया था.
हवारा के साथ उस केस में परमजीत सिंह भ्यौरा, बलवंत सिंह राजोआना और जगतार सिंह तारा सहित कई अन्य आरोपी थे, जिन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. हवारा अपने साथियों के साथ 2004 मे बुड़ैल जेल में सुरंग खोदकर फरार हो गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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