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रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे 26 भारतीयों पर बड़ा खुलासा, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दिया जवाब

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच फंसे 26 भारतीय नागरिकों में से 10 की मृत्यु हो चुकी है. विदेश मंत्रालय प्रभावित परिवारों के संपर्क में है और स्थिति से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति अपना रहा है.

Supreme Court

रुस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच फंसे 26 भारतीयों को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया है. सरकार ने कोर्ट को बताया कि 26 व्यक्तियों में से दुर्भाग्य से 10 की मौत हो गई है. केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि विदेश मंत्रालय सभी प्रभावित नागरिकों के परिवारों के संपर्क में है और स्थिति से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति अपना रहा है. कई व्यक्तियों ने रूसी संस्थाओं के साथ स्वैच्छिक अनुबंध किए थे, हालांकि ऐसे भी उदाहरण थे जहां एजेंटों ने उन्हें गुमराह किया हो सकता है.

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि इस मामले को समझदारी से निपटाने की आवश्यकता है. एएसजी भाटी ने बताया कि कुल 215 भारतीय रूस गए हैं, जिनमें से 26 के परिवार के सदस्य सुप्रीम कोर्ट आए हैं. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि मंत्रालय लगातार परिवार के संपर्क में है.

इसपर सीजेआई ने कहा कि यूक्रेन युद्ध में एक व्यक्ति की मौत की जानकारी समाचार पत्र के जरिए हासिल हुई है. एएसजी भाटी ने कहा कि वह याचिककर्ताओ में से एक के परिवार के सदस्य था. एएसजी भाटी ने कहा कि सरकार ने शव को वापस लाने की व्यवस्था कर ली है. लेकिन संबंधित परिवार के असहयोग के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. एएसजी भाटी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार विदेश में संकट में फंसे प्रत्येक भारतीय नागरिक की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है.

26 भारतीय नागरिकों के परिवारों की याचिका

कोर्ट ने विदेश मंत्रालय से अभी तक उठाए गए कदमों का विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है. यह याचिका 26 भारतीय नागरिकों के परिवार वालों की ओर से दायर की गई है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है. यह याचिका वकील ऋत्विक भनोत, अध्ययन गुप्ता और आयुष शंकर द्वारा दायर की गई है.

दायर याचिका में केंद्र सरकार के साथ राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सरकारों और भारत में स्थित रूसी दूतावास को भी पक्षकार बनाया गया है.

दायर याचिका में कहा गया है कि इन लोगों को रूस में बंधक बनाकर जबरन युद्ध लड़ने के लिए भेज दिया गया है. ये सभी भारतीय छात्र या पर्यटक वीजा पर रुस गए थे. दायर याचिका में उन सभी भारतीय नागरिकों के कथित प्रत्यर्पण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. जो छात्र या पर्यटक वीजा पर रुस गए थे और अब कथित तौर पर यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध में भाग लेने के लिए मजबूर किए जा रहे हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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