Bharat Express DD Free Dish

22.92 करोड़ रुपए के ठगी के शिकार 82 वर्षीय बुजुर्ग की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

82 वर्षीय बुजुर्ग के साथ हुए 22.92 करोड़ के ‘डिजिटल अरेस्ट’ फ्रॉड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, RBI और 7 प्राइवेट बैंकों को नोटिस भेजा है. कंबोडिया से संचालित इस गैंग ने बुजुर्ग को डराकर उनकी उम्र भर की कमाई लूट ली.

Digital Arrest Crore Fraud
Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट के मामले में 82 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा दायर रिट याचिका पर केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और सात निजी बैंकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह नोटिस जारी किया है.

सबसे बड़ा डिजिटल फ्रॉड

दायर याचिका में बुजुर्ग से 22.92 करोड़ की ठगी की गई है. यह अभी तक का बड़ा डिजिटल फ्रॉड माना जा रहा है. दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि साइबर अपराधियों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी बताकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट में होने का डर दिखाया और इसी बहाने भारी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा ली.

दायर याचिका में यह भी कहा गया है कि बैंकिंग सिस्टम और नियामक तंत्र की गंभीर चूक के कारण इतनी बड़ी राशि बिना जांच पड़ताल के ट्रांसफर हो गया. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील के परमेश्वर ने अदालत को बताया कि यह घटना उस समय हुई जब याचिकाकर्ता के बच्चे विदेश में थे. उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला संबंधित बैंकों की लापरवाही का है.

बैंक की भी जिम्मेदारी: कोर्ट

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि बैंक की भी जिम्मेदारी बनती है. उनकी उम्र लगभग 82 वर्ष है. जब इतनी बड़ी राशि का लेनदेन हो रहा था, तब बैंकों को सतर्क होना चाहिए था.

बता दें कि इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में भी पुणे के मगरपट्टा में रहने वाले 88 वर्षीय बुजुर्ग को शेयर मार्केट में मोटी कमाई का हवाला देकर 22 करोड़ 3 लाख 22 हजार रुपए की ठगी की गई. यह ठगी जनवरी 2026 तक पीड़िता से की गई. जबकि दिल्ली के ग्रेटर पार्ट 2 में एक सप्ताह में दो बुजुर्गों से करीब 22 करोड़ रुपए की ठगी की गई. वहीं, दक्षिणी दिल्ली के गुलमोहर पार्क इलाके में रहने वाले 78 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंकर को डिजिटल अरेस्ट कर 22.92 करोड़ रुपए की ठगी की गई.

कहां से हुआ ये साइबर क्राइम?

एक महिला ने दूरसंचार कंपनी की वरिष्ठ अधिकारी बनकर पीड़ित को झांसे में लिया. उसके बाद मुंबई पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरों के अधिकारी बनकर अलग-अलग साइबर अपराधी अलग-अलग तरीके से डराकर उनसे अपने बैंक खातों में 22.92 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए. यह ठगी कंबोडिया में बैठे चीन के साइबर अपराधियों ने किया था.

इतना ही नहीं इतनी बड़ी रकम को ट्रांसफर करने में अड़चन न आए इसके बाद उत्तराखंड के एक गांव में स्कूल व एनजीओ चलाने वाले की भी मदद ली गई.

ये भी पढ़ें: राऊज एवेन्यु कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट बहस करने के लिए ईडी को दिया समय

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read