सुप्रीम कोर्ट से वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद पीवी मिधुन रेड्डी को झटका लगा है. कोर्ट ने आंध्र प्रदेश शराब घोटाले मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील से पूछा कि हम किस आधार पर अग्रिम जमानत दे. जिसपर याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि एफआईआर में उनका नाम नहीं है और न ही गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस आधार है.
उन्होंने कहा कि अब जब संसद सत्र शुरू होने वाला है, तो यह गिरफ्तारी का दबाव बनाना प्रतीत होता है. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक साल में जांच एजेंसी ने केवल एक बार उन्हें बुलाया है और तथ्यों में कोई नया मोड़ नहीं आया है. उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय प्रणाली की नई संहिता (बीएनएसएस) के तहत भी यह अपराध गंभीर श्रेणी में नहीं आता.
कोर्ट ने सिंघवी की इन दलीलों से संतुष्ट नही हुआ और याचिका को खारिज करते हुए कहा कि प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती. राजमपेट के सांसद पीवी मिधुन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश सीआईडी द्वारा दर्ज शराब घोटाला मामले में सुरक्षा की मांग की थी.
सितंबर 2023 में आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित शराब कारोबार में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं से संबंधित मामले की सीआईडी जांच कर रही है. पीवी मिधुन रेड्डी को हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद सुनवाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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