Sukhbir Singh Badal
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल को आपराधिक मानहानि मामले में राहत देने से इनकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने दर्ज मामले को रद्द करने की मांग को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया है.
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने सुखबीर सिंह बादल की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि शिकायत को रद्द करने की मांग की गई थी.
मानहानि की शिकायत
यह मामला वर्ष 2017 में की गई टिप्पणियों से जुड़ा है. शिकायतकर्ता राजिंदर पाल सिंह की ओर से आरोप लगाया गया था कि सुखबीर सिंह बादल ने अखंड कीर्तनी जत्था और उससे जुड़े व्यक्ति को प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जोड़ने वाली टिप्पणी से संगठन और शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा.
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इसके बाद चंडीगढ़ की अदालत में भारतीय दंड संहिता की धारा 499, 500, 501 और 502 के तहत मानहानि की शिकायत दायर की गई थी.
क्या है आरोप?
आरोप है कि 4 जनवरी 2017 को दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के राजिंदर पाल सिंह के आवास पर जाने के बाद सुखबीर बादल ने सुखबीर बादल ने मीडिया बयान में अखंड कीर्तनी जत्था को प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल ने इसे संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुचाने वाले बयान बताया था.
इस मामले में पहले निचली अदालत ने सुखबीर सिंह बादल को समन जारी किया था और बाद में पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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