सुप्रीम कोर्ट से कैंसर पीड़ित एक वरिष्ठ नागरिक को बड़ी राहत दिया है. कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में 9 साल से लंबित याचिका पर जल्द सुनवाई कर फैसला देने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि वह उसकी पेंशन और सेवानिवृति के बाद मिलने वाले लाभों से संबंधित याचिका पर जल्द सुनवाई करने को कहा है.
सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह फैसला दिया है. अदालत ने हाई कोर्ट से कहा कि वह 77 वर्षीय राम शंकर के मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें और उनकी याचिका पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करें. यह कानूनी लड़ाई राम शंकर नामक व्यक्ति की ओर से लड़ी जा रही हैं. राम शंकर उत्तर प्रदेश सरकार के सेवा में कार्यरत थे. उन्होंने अपनी याचिका में दलील दी कि उनके दावे के निपटारे में होने वाली अत्यधिक देरी उनके मौलिक अधिकारों का हनन है. उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14, समानता का अधिकार और अनुच्छेद 21 जीवन का अधिकार का हवाला देते हुए न्याय की गुहार लगाई है. उन्होंने 1 जून 1970 से 28 मई 1985 तक राज्य सरकार में अपनी सेवाएं दी और बाद में गेल में शामिल हो गए.
पेंशन लाभ से वंचित होने पर 2017 में हाईकोर्ट पहुंचे थे याचिकाकर्ता
रिटायरमेंट के बाद जब उन्होंने अपनी पेंशन और अन्य लाभों की मांग की, तो राज्य सरकार ने कुछ तकनीकी नियमों का हवाला देते हुए उन्हें लाभ देने से इनकार कर दिया. जिसके बाद उन्होंने 2017 में इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. लेकिन अभी तक उनके मामले में सुनवाई नही हो पाई है. लगातार तारीख पर तारीख लग रही है. जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. और सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट को यह निर्देश दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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