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जिम ट्रेनर मोहम्मद दीपक को सुप्रीम कोर्ट से राहत, बाबा दुकान विवाद मामले में FIR की कार्रवाई पर लगी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के जिम ट्रेनर दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है.

मैरिटल रेप पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई.

भारत में वैवाहिक दुष्कर्म की संवैधानिकता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई, जिसमें केंद्र और राज्यों के रुख पर फैसला होना है. (PC: भारत एक्सप्रेस)

उत्तराखंड के जिम ट्रेनर दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने दीपक कुमार के खिलाफ दर्ज एफआईआर से जुड़े कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दिया है. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की शिकायत पर दीपक कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है.

जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने दीपक कुमार की ओर से दायर याचिका पर उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है. दीपक ने उत्तराखंड हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील दायर की है, जिसमें अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया था. साथ ही हाई कोर्ट के उस निर्देश को भी चुनौती दी गई, जिसके तहत कुमार को सोशल मीडिया पर इस मामले के बारे में बोलने से रोक दिया गया था.

दुकानदार ने भी दर्ज कराई थी एफआईआर

यह मामला दुकान के नाम मे “बाबा” शब्द के इस्तेमाल को लेकर बजरंग दल के सदस्यों और दुकानदार के बीच हुए विवाद से जुड़ा हुआ है. इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था और इसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया. बाद में दीपक कुमार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि वह किसी विवाद को बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि दुकानदार की मदद करने के लिए मौके पर पहुचे थे. सिंघवी ने कहा कि संबंधित दुकानदार ने भी इस घटना को लेकर अलग एफआईआर दर्ज कराई थी.

उन्होंने सवाल उठाया कि एक व्यक्ति अगर किसी की मदद करने के लिए आगे आता है तो उसे इस तरह की आपराधिक कार्यवाही का सामना क्यों करना पड़े. वरिष्ठ वकील सिंघवी ने कोर्ट को यह भी बताया कि दीपक पर पहले धारा 191 बीएनएस के तहत दंगा करने का आरोप लगाया था.लेकिन बाद में इसे हटा दिया गया क्योंकि कोई आधार नही मिला.

उन्होंने कहा कि लगाए गए अपराधों में सात साल से कम की सजा प्रावधान है. इस घटना के बाद दीपक के जिम के सदस्यों की संख्या 150 से घटकर15 रह गए, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ और किराया चुकाना मुश्किल हो गया. परिवार को अपशब्द सुनाए गए, मौत की धमकियां मिली तथा एक व्यक्ति ने उनकी हत्या पर दो लाख रुपए का इनाम तक घोषित कर दिया. उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई. परिवार मानसिक दबाव में रहा और सुरक्षा की जरूरत पड़ीं.

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-भारत एक्सप्रेस



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