Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

सुप्रीम कोर्ट ने केरल विधायक ए. राजा को दी राहत, चुनाव रद्दीकरण पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने केरल विधायक ए. राजा के चुनाव रद्दीकरण पर रोक लगाई, विधायक के रूप में सभी लाभ बहाल किए. हाई कोर्ट ने धर्म परिवर्तन के आधार पर चुनाव रद्द किया था.

Aarika Singh Edited by Aarika Singh

केरल से सीपीआई (एम) विधायक ए राजा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसने 2021 के चुनाव को अमान्य करार दिया था. जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने यह फैसला दिया है. कोर्ट ने ए राजा के चुनाव को बरकरार रखा है.

कोर्ट ने अपने फैसले में राजा को केरल विधानसभा सदस्य के रूप में सभी लाभ देने का आदेश भी दिया है, जो हाई कोर्ट के फैसले की वजह से छिन गए थे. केरल हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि ए राजा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए स्वतंत्र हैं. जिसके बाद राजा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया था.

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया था कि राजा के जाति प्रमाण पत्र की वैधता को सीघे तौर पर हाई कोर्ट में चुनौती क्यों नहीं दी गई, जिससे इस बात पर संदेह पैदा हो गया था कि हाई कोर्ट ने किस आधार पर उनके चुनाव को रद्द किया था. बता दें कि केरल हाई कोर्ट ने वर्ष 2021 में हुए केरल विधानसभा चुनाव में इस सीट से दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस नेता डी. कुमार ने याचिका में आरोप लगाया है कि राजा अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के लिए आरक्षित देवीकुलम सीट से चुनाव लड़ने के योग्य नहीं है.

नामांकन पत्र पर कुमार की आपत्ति को खारिज

राजा ने याचिका का विरोध करते हुए दलील दी थी कि वह केरल राज्य के संदर्भ में हिंदू परायण समुदाय से आते हैं और तहसीलदार द्वारा जारी प्रमाण पत्र के अनुसार वह देवीकुलम सीट से चुनाव लड़ने योग्य हैं. राजा ने यह भी कहा था कि निर्वाचन अधिकारी ने उनके द्वारा दायर नामांकन पत्र पर कुमार की आपत्ति को खारिज कर दिया था.

वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में कुमार 7, 848 मतों के अंतर से राजा से हार गए थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि यहां तक कि माकपा नेता की पत्नी भी ईसाई समुदाय से हैं और उनका विवाह ईसाई धर्म के रीति रिवाजों के अनुसार हुआ है.

ये भी पढ़ें: कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली दंगों में हत्या के मामले में अपर्याप्त सबूत के आधार पर 12 लोगों को किया बरी

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital