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भारतीय तटरक्षक बल की सेवानिवृत्त आयु को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

भारतीय तटरक्षक बल (ICG) में सेवानिवृत्ति की आयु को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा हस्तक्षेप किया है. कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें तटरक्षक बल में समान रूप से 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु लागू करने का निर्देश दिया गया था.

ICG Retirement Age Case
Edited by Vaibhav Gupta

भारतीय तटरक्षक बल की सेवानिवृत्त आयु को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दिया है. साथ ही कोर्ट ने ब्रिटिश काल से चले आ रहे पुराने नियमों पर पुनर्विचार करने को कहा है.

विशेष समिति बनाने पर विचार

कोर्ट ने सेवा शर्तों और रिटायरमेंट की उम्र तय करने के लिए विशेष समिति बनाने पर विचार करने को कहा है. समिति को भर्ती से लेकर सेवानिवृति तक की पूरी अवधि की जांच करने का कार्य सौंपा गया और उसे आगे की समीक्षा के लिए अपनी रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.

कोर्ट ने आगे कहा कि भारतीय तटरक्षक बल रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करता है और नौ सेना की तरह समुद्र में कही अधिक कठिन परिस्थितियों में काम करता है, जिसके लिए युवा कर्मियों की आवश्यकता होती है. इतना ही नहीं समुद्र में चिकित्सा मिलना भी कठिन है. कई बार सामान्य खाना पानी के बगैर भी रहना पड़ता है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह टिप्पणी की है.

साथ ही कोर्ट ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करते हुए 2 सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. दो सप्ताह बाद कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.

क्या है मौजूदा नियम?

दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय तटरक्षक बल में सभी स्तर पर सेवानिवृति की उम्र 60 वर्ष समान रूप से लागू करने का निर्देश दिया था. केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर करते हुए कहा है कि हाई कोर्ट ने तटरक्षक बल को सीआरपीएफ जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बराबर गलत तरीके से माना है.

मौजूदा नियमों के अनुसार कमांडेंट और उससे नीचे के अधिकारी 57 वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारी 60 साल तक मे रहते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इतने उच्च प्रशिक्षण बल में अनुभव भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है.

अब समीक्षा का समय: कोर्ट

मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक दवे से कोर्ट ने कहा कि सेवा शर्तों और सेवानिवृति की आयु से जुड़े इन नियमों की अब समीक्षा का समय आ गया है. सरकार ब्रिटिश दौर में बनाए गए नियमों पर अटकी नहीं रह सकती. कोई इस बात की कल्पना नहीं कर सकता कि आज के समय में तटरक्षक बल की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है.

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-भारत एक्सप्रेस



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