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सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल भूमि अधिग्रहण मुआवजा बढ़ाने के गुवाहाटी हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा के पास रक्षा परियोजना हेतु भूमि अधिग्रहण मुआवजा बढ़ाने के गुवाहाटी हाई कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है. कोर्ट ने केंद्र सरकार को चार सप्ताह में बढ़ी हुई राशि का 10% जमा करने का निर्देश भी दिया,

supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजे के मामले में अहम आदेश दिया दिया है. कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश में भारत- चीन सीमा के पास रक्षा संबंधी परियोजना के लिए 537 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए दिए गए मुआवजे को बढ़ाने के गुवाहाटी हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दिया है. जस्टिस के वी विश्नाथन और जस्टिस एन कोटिश्वर की पीठ ने यह आदेश दिया है. कोर्ट 18 अगस्त को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर इस शर्त के साथ क्रियान्वयन पर रोक लगा दिया है कि केंद्र सरकार हाई कोर्ट के समक्ष की गई अपनी पेशकश का पालन करते हुए चार सप्ताह के भीतर हाई कोर्ट की रजिस्ट्री में बढ़ी हुई राशि का 10 फीसदी जमा करें. गुवाहाटी हाई कोर्ट की ईटानगर पीठ ने मार्च 2025 में यह आदेश दिया था. जिसके खिलाफ केंद्र सरकार सहित अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.

मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि यह एक धोखाधड़ी पर आधारित है क्योंकि व्यक्ति ने 100 से अधिक व्यक्तियों की फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी  बनाई थी. जिसको लेकर सरकार ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन हाई कोर्ट सरकार की दलीलों से संतुष्ट नही हुआ और याचिका को खारिज कर दिया.

70 करोड़ से 410 करोड़ तक मुआवजा बढ़ा

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि लाभार्थियों को मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है और भूमि अधिग्रहित कर ली गई है. लेकिन इसके बाद एक व्यक्ति ने पवार ऑफ अटॉर्नी के आधार पर याचिका दायर कर दिया. जिसपर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने मुआवजे की राशि को बढ़ाने का आदेश दिया था.

सरकार ने यह भी कहा कि गुवाहाटी हाई कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि संदर्भ मामले में पारित आदेश इस शर्त के अधिन स्थगित रहेगा कि बढ़ाई गई राशि का पचास प्रतिशत तीन महीने के भीतर जमा किया जाए. याचिका में दावा किया गया था कि पहले सभी लाभार्थियों के लिए लगभग 70 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया गया था, लेकिन अक्टूबर 2024 में निचली अदालत ने मुआवजे की राशि को बढ़ाकर 410 करोड़ रुपए कर दिया.

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-भारत एक्सप्रेस 



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