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सुप्रीम कोर्ट हाईवे हादसों पर सख्त, कोर्ट ने सड़क सुरक्षा के लिए दिशा निर्देश जारी करने के संकेत दिया है।

सुप्रीम कोर्ट राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना में हुए सड़क हादसों से जुड़े स्वतः संज्ञान पर सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अख्तियार करते हुए दिशा निर्देश जारी करने का संकेत दिया है. मामला हाइवे पर सड़क सुरक्षा मानकों और अवैध गतिविधियों को लेकर दर्ज किया गया है.

road safety
Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना में हुए सड़क हादसों (Road Accidents) से जुड़े स्वतः संज्ञान पर सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अख्तियार करते हुए दिशा निर्देश जारी करने का संकेत दिया है. यह मामला हाइवे पर सड़क सुरक्षा मानकों और अवैध गतिविधियों को लेकर दर्ज किया गया है. जस्टिस जे. के महेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ मामले में सुनवाई कर रही है.

कोर्ट के तीन सवाल

कोर्ट ने सरकार से तीन बिंदुओं पर जवाब मांगा है. कानून, नियम और विनियम क्या कहते हैं और कार्रवाई की वैधानिक शक्तियां किसके पास है? अब तक कि गई कार्रवाई प्रावधानों के अनुरूप है? कार्रवाई न करने या नियम लागू न होने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति, जिनमें निजी लोग भी शामिल हों? मामले की सुनवाई के दौरान एनएचएआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस संबंध में हकफनामा दाखिल कर दिया गया हूं. इसपर जस्टिस महेश्वरी ने एनएचएआई की शक्तियों को लेकर सवाल उठाया है.

कानून के तहत NHAI के पास क्या शक्तियां

जस्टिस महेश्वरी ने कहा कि प्राधिकरण जिम्मेदारी ठेकेदारों, पुलिस या स्थानीय प्रशासन पर डाल रहा है. उन्होंने कहा कि NHAI को समझना चाहिए कि कानून के तहत उसके पास क्या शक्तियां है और क्या सबकुछ प्रशासनिक अधिकारियों पर छोड़ा जा सकता है. वहीं, जस्टिस विजय बिश्नोई ने सर्दियों में घने कोहरे का जिक्र करते हुए कहा कि हाइवे पर अवैध ढाबे और ट्रक खड़े रहते हैं, जो गंभीर खतरा पैदा करते है. इसपर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि स्पीड लिमिट तय है और कैमरे लगे हैं, साथ नहीं छह लेन सड़क के बाद सर्विस रोड भी होता है.

एसजी मेहता ने कहा कि ढाबों को हटाने की शक्ति NHAI के पास है, लेकिन सामान्य तौर पर यह अधिकार जिला मजिस्ट्रेट को सौंपा गया है. क्योंकि पुलिस प्रशासन उनके अधीन होता है. हालांकि व्यवहारिक कठिनाइयों के कारण कार्रवाई प्रभावी नहीं हो रही है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सड़क में गड्ढे और खराब मेंटनेंस हादसों की एक वजह हैं.

सड़कों का खराब होना हादसों की वजह

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हादसों (Accidents) की वजह ज्यादातर सड़क का खराब होना होता है और इसकी वजह से वाहन अपना नियंत्रण खो देते हैं या फिर गड्ढों से बचने के चक्कर में दूसरे वाहनों से भिड़ जाते हैं. कोर्ट ने कहा था कि हम इन दो राज्यों के एक्सप्रेसवे के हालात पर गौर करने के बाद इस मसले पर पूरे देश के स्तर पर गौर किया जाएगा. कोर्ट ने कहा था कि सड़कों की स्थिति अच्छी नहीं हैं.

हालांकि टोल वसूला जा रहा हैं. आम जनता ने ऐसे क्षेत्रों में ढाबे खोल लिए हैं जहां ढाबे खोलने की जगह उपलब्ध नही है. परिणामस्वरूप वाहन वहीं आकर खड़े हो जाते हैं. अन्य वाहन सड़क पर खड़े वाहनों को देख नहीं पाते और ऐसे वाहनों से टकरा जाते है.

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-भारतए क्सप्रेस



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