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सोनम की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची मेघालय सरकार, 3 जुलाई को सुनवाई के लिए अदालत तैयार

सुप्रीम कोर्ट इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार की याचिका पर 3 जुलाई को सुनवाई करेगा. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसे गंभीर मामला बताते हुए त्वरित सुनवाई की मांग की है.

Sonam Raghuvanshi

फाइल फोटो

इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्या मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी को हाई कोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ दायर मेघालय सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई करने को तैयार हो गया है. सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कोर्ट से इस मामले पर त्वरित सुनवाई की मांग की थी, जिस पर शीर्ष अदालत ने सहमति जता दी है. अब कोर्ट इस संवेदनशील मामले पर 3 जुलाई को सुनवाई करेगा. जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने यह आदेश जारी किया है.

बेहद गंभीर मामला, केवल एक धारा में टाइपिंग की त्रुटि थी

एसजी तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि यह बेहद गंभीर मामला है और इस याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कोर्ट को मामले की पृष्ठभूमि समझाते हुए कहा कि यह वही मामला है, जिसमें एक महिला अपने पति को मणिपुर ले गई थी, जहां कथित तौर पर तीन अन्य आरोपियों के साथ मिलकर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई और शव को फेंक दिया गया था.

उन्होंने कोर्ट को अवगत कराया कि इससे पहले दो बार सोनम की जमानत याचिका को कोर्ट द्वारा यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि आरोपी के फरार होने की आशंका है. लेकिन अब हाई कोर्ट ने उसे केवल इस तकनीकी आधार पर जमानत दे दी कि गिरफ्तारी के समय गिरफ्तारी के ठोस आधार पूरी तरह से उपलब्ध नहीं कराए गए थे. एसजी मेहता का स्पष्ट कहना था कि यह केवल एक धारा में महज टाइपिंग की त्रुटि (Typographical Error) का मामला था.

निचली अदालत और हाई कोर्ट के फैसलों का कानूनी मोड़

इस मामले में निचली अदालत ने सोनम रघुवंशी को 27 अप्रैल को जमानत दे दी थी, जिसके खिलाफ मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. लेकिन मेघालय हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से दायर इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अनिवार्य कानूनी प्रक्रिया का सही ढंग से पालन नहीं किया और सोनम को प्रभावी तरीके से गिरफ्तारी के ग्राउंड्स (आधार) नहीं बताए गए. हाई कोर्ट ने पुलिस की इस चूक को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 47(1) का सीधा उल्लंघन माना था.

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गहरी खाई से मिला था राजा का शव

बता दें कि इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी 22 मई 2025 को हनीमून मनाने के लिए मेघालय के शिलांग पहुंचे थे. इसके बाद 26 मई को दोनों सोहरा (चेरापूंजी) घूमने निकले थे, जिसके बाद से ही राजा रघुवंशी रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे. स्थानीय पुलिस और प्रशासन की काफी खोजबीन के बाद, आखिरकार 2 जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव सोहरा स्थित प्रसिद्ध ‘वेई सदोंग फॉल्स’ के पास एक गहरी खाई से बरामद किया गया था.



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