नीट 2024 मामले में आयुषी पटेल की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 4 जुलाई को विस्तृत आदेश पारित करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए के वकील से पूछा है कि क्या (रैंक के अनुसार) वह परामर्श (काउंसलिंग) के लिए पात्र है? इससे संबंधित विचार व्यक्त करने को कहा है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ परीक्षा परिणाम को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया था. जिसके खिलाफ आयुषी पटेल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी. आयुषी का आरोप था कि उनकी ओएमआर शीट को एटीए द्वारा फटा बताया गया. इसको लेकर आयुषी पटेल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. आयुषी ने फर्जी दस्तवेज़ों के आधार पर एटीए पर आरोप लगाए थे.
आयुषी पटेल का नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पर यह आरोप है कि यह कोई बड़ा घोटाला हो रहा है. हर जगह पर 840 ही नंबर था. अब अचानक 340 करके उनके रिजल्ट को जनरेट किया गया है. आयुषी का आरोप था कि पहले एनटीए ने उसका रिजल्ट रोक लिया था. फिर जब उन्होंने ईमेल किया तो एनटीए ने फटी हुई ओएमआर शीट उसे मेल कर दी. आयुषी पटेल ने इसका पूरा वीडियो बनाकर शेयर किया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
मामला इतना आगे बढ़ा कि कांग्रेस ने भी इस मुद्दा को उठाया था. इसके बाद एनटीए ने कहा था कि उन्होंने छात्रा को कोई जवाब नहीं दिया है. न ही फटी हुई ओएमआर सीट भेजी हैं. मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने भी बताया था कि नीट 2024 में कोई धांधली नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि आयुषी पटेल ने धांधली का गलत दावा किया है. आयुषी ने आवेदन का रजिस्ट्रेशन नंबर गलत बताया था.
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