सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मशहूर अभिनेता आलोक नाथ और अभिनेता श्रेयस तलपड़े को मिली राहत को बरकरार रखा है. जस्टिस बी. वी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने गिरफ्तारी से मिली संरक्षण को बरकरार रखने का आदेश दिया है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सागा ग्रुप घोटाला मामले में दर्ज एफआईआर पर दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दिया था.
श्रेयस तलपड़े के वकील ने दी सफाई
मामले की सुनवाई के दौरान अभिनेता श्रेयस तलपड़े की ओर से पेश वकील ने कहा कि अभिनेता कंपनी के एक सालाना कार्यक्रम में सिर्फ मेहमान के तौर पर गए थे. उन्हें सोसाइटी के कामकाज या पैसों से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने इससे कोई पैसा कमाया.
वहीं, आलोक नाथ के वकील ने बताया कि उनके मुवक्किल किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे. उन्होंने दावा किया कि पिछले करीब 10 सालों से सोसाइटी उनकी तस्वीर का इस्तेमाल बिना अनुमति के कर रही थी.
एक जैसे मामले को एक जगह ट्रांसफर की मांग
पिछली सुनवाई के दौरान जस्टिस बी. वी नागरत्ना ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि आप वरिष्ठ नागरिकों को ब्रांड एम्बेसडर बनाते है, आप उनके बुढ़ापे का फायदा उठा रहे है. आलोक नाथ की ओर से दायर याचिका में गुहार लगाई है कि इस मामले में अलग-अलग दर्ज एफआईआर को एक जगह ट्रांसफर किया जाए.
मामला 10 साल पुराना
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि यह मामला करीब 10 साल पुराना है, इस मामले में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर उन्हें परेशान किया जा रहा है. यह मामला कथित तौर पर क्रेडिट कोऑपरेटिव स्कीम के जरिए निवेशकों से करोड़ों रुपए ठगने से जुड़ा है.
आलोक नाथ और श्रेयस तलपड़े और एक क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के 5 सदस्यों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के लखनऊ के गोमती नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि 7 आरोपियों ने कथित तौर पर 45 निवेशकों से 9.12 करोड़ रुपये ठगे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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