यौन शोषण के मामले में तिहाड़ जेल में बंद स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की न्यायिक हिरासत की अवधि को पटियाला हाउस कोर्ट ने 31 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया है. चैतन्यानंद की न्यायिक हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने न्यायिक हिरासत की अवधि को बढ़ाया है. एक दिन पहले ही कोर्ट ने चैतन्यानंद की उस अर्जी को खारिज कर दिया था जिसमें सीजर मेमो और केस डायरी की मांग की गई थी. न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार ने यह आदेश दिया था.
चैतन्यानंद के फोन से मिले डिजिटल सबूत
वही चैतन्यानंद की ओर से दायर जमानत याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट 27 अक्टूबर को सुनवाई करने वाला है. पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और ब्रिटेन के एक नेता के साथ फर्जी तस्वीरे सहित कई अन्य तस्वीरों को जब्त किया है. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि उत्तराखंड के अल्मोडा में एक गेस्ट हाउस में चैतन्यानंद छात्राओं के साथ रुका था. पुलिस को चैतन्यानंद के फोन से डिजिटल सबूत भी मिले है.
चैतन्यानंद पर गवाहों को धमकाने का आरोप
इनमें वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में छात्राओं की फोटों पर आपत्तिजनक कमेंट कर रहा हैं. जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने बाबा के कमरे से पुलिस ने एक सेक्स टॉय और 5 पोर्न सीडी भी बरामद की है. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में खुलासा किया कि चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 232 को जोड़ा गया है, जो किसी गवाह को झूठी गवाही देने के लिए धमकाने से संबंधित हैं.
इसके अलावे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75 (2), धारा 79, धारा 351 (2) के तहत एफआईआर दर्ज है.
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-भारत एक्सप्रेस
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