प्रतिबंध के बावजूद भारत के चुनाव आयोग के समक्ष विरोध प्रदर्शन करने के मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने डेरेक ओ’ब्रायन, सागरिका घोष और साकेत गोखले सहित कई अन्य टीएमसी नेताओं को जमानत प्रदान की है. कोर्ट ने इन सभी को 10-10 हजार रुपए की निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानती पर जमानत दिया है. राऊज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य जुडिशियल मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल ने 21 मई के लिए मामले को सूचीबद्ध किया है.
टीएमसी नेताओं शांतनु सेन, डोला सेन, नदीमुल हक, विवेक गुप्ता, अर्पिता घोष, अबीर रंजन बिस्वास और सुदीप राहा को भी उनके वकील की अर्जी पर राहत दी है. नौ टीएमसी नेता अदालत के समक्ष शारीरिक रूप से उपस्थित थे, जबकि विवेक गुप्ता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन, सागरिका घोष, साकेत गोखले, शांतनु सेन, डोला सेन, नदीमुल हक, अर्पिता घोष, अबीर रंजन बिश्वास, सुदीप राहा और अन्य को पेशी से छूट दी थी.
बैनर व पोस्टर के साथ विरोध प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस की ओर से दायर आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने टीएमसी नेताओं को समन जारी किया था. उन नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव आयोग के आसपास धारा 144 लगने के बावजूद 8 अप्रैल, 2024 को चुनाव आयोग के बाहर बैनर व पोस्टर के साथ विरोध प्रदर्शन किया है. उन्हें प्रदर्शन करने से रोका भी गया और प्रतिबंधित क्षेत्र होने की बात भी कही गई, उसके बावजूद नेताओं ने प्रदर्शन किया है. इससलिए उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 145 सहित 34 के तहत उचित कानूनी कार्रवाई की जाए. इसको लेकर संसद मार्ग थाना ने आरोप पत्र दाखिल किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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