Relationship Tips by Nityanand Das: रिश्तों की गुत्थी सुलझाना कभी-कभी पहाड़ चढ़ने जैसा मुश्किल लगने लगता है. आज के दौर में जहां ‘ब्रेकअप’ और ‘तलाक’ जैसे शब्द आम हो गए हैं, वहां किसी रिश्ते को सालों-साल प्यार और ताजगी के साथ निभा ले जाना किसी उपलब्धि से कम नहीं है. अक्सर हम बड़े-बड़े वादे तो कर लेते हैं, लेकिन छोटी-छोटी बातों पर आकर गाड़ी रुक जाती है.
हाल ही में आध्यात्मिक गुरु नित्यानंद दास ने वैवाहिक जीवन और प्रेम संबंधों को लेकर कुछ ऐसी व्यावहारिक बातें साझा की हैं, जो किसी भी डूबते रिश्ते के लिए ‘लाइफ जैकेट’ का काम कर सकती हैं. उन्होंने 5 ऐसे मूल मंत्र बताए हैं, जिन्हें अगर अपना लिया जाए, तो घर में कलेश की जगह सिर्फ खुशहाली होगी.
1. झगड़ा अपनी जगह, इज्जत अपनी जगह
पार्टनर के साथ बहस होना दुनिया की सबसे सामान्य बात है. दो अलग इंसान हैं तो राय भी अलग होगी ही. लेकिन गुरु जी कहते हैं कि लड़ाई के दौरान अपनी जुबान पर लगाम रखना सबसे जरूरी है. गुस्से में अक्सर हम ऐसी बातें बोल जाते हैं जो सामने वाले के आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाती हैं. याद रखिए, बहस खत्म हो जाएगी, गुस्सा शांत हो जाएगा, लेकिन आपके कहे हुए ‘कड़वे शब्द’ पार्टनर के दिल में हमेशा के लिए घर कर जाएंगे. इसलिए, समस्या से लड़िए, अपने पार्टनर के सम्मान से नहीं.
2. कोई ‘सीक्रेट’ न रखें, मिलकर लें फैसले
विश्वास किसी भी रिश्ते की ऑक्सीजन है. अगर आप अपने पार्टनर से बातें छिपाने लगते हैं, तो समझ लीजिए कि दरार आनी शुरू हो गई है. जब कोई राज अचानक सामने आता है, तो प्यार से ज्यादा भरोसे को चोट लगती है. चाहे घर का छोटा काम हो या कोई बड़ा निवेश, पार्टनर को भरोसे में लेकर फैसला करें. इससे उन्हें महसूस होता है कि रिश्ते में उनकी अहमियत है.
3. प्यार के पौधे को रोज सींचना जरूरी है
अक्सर देखा जाता है कि शादी के कुछ सालों बाद कपल्स एक-दूसरे को ‘फॉर ग्रांटेड’ लेने लगते हैं. उन्हें लगता है कि अब तो शादी हो गई, अब क्या जतन करना? यहीं गलती होती है. रिश्ता उस पौधे की तरह है जिसे रोज पानी चाहिए. कभी बिना वजह कोई छोटा सा सरप्राइज दे देना, कभी हाथ पकड़कर टहलना या बस एक प्यार भरी मुस्कान- ये छोटे-छोटे ‘जेस्चर्स’ रिश्ते में वही शुरुआती दिनों वाली ताजगी बनाए रखते हैं.
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4. आज का झगड़ा कल पर न टालें
रिश्तों का एक सुनहरा नियम बना लीजिए—कभी भी नाराज होकर मत सोइए. अगर दिन में कोई मनमुटाव हुआ है, तो उसे रात को सोने से पहले बातचीत कर सुलझा लें. जब आप किसी नाराजगी को अगले दिन तक खींचते हैं, तो वह मन में कड़वाहट की एक दीवार खड़ी कर देती है. हर सुबह एक नई शुरुआत होनी चाहिए, न कि पुराने झगड़ों का बोझ.
5. चार लोगों के बीच मान-सम्मान
अकेले में तो हर कोई प्यार जताता है, लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब आप बाहर दोस्तों या परिवार के बीच होते हैं. दूसरों के सामने अपने पार्टनर का मजाक उड़ाना या उन्हें नीचा दिखाना आपके रिश्ते को अंदर से खोखला कर देता है. जब आप समाज में अपने साथी को सम्मान देते हैं, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और आपके प्रति उनका लगाव और गहरा हो जाता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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