कार्टून पर विवाद: जर्मनी की अपनी ‘रेल’ पिछड़ने वाली है
हालात ये हैं कि अगर चीन ताइवान पर हमला कर दे तो जर्मन अर्थव्यवस्था के सामने सप्लाई चेन का ऐसा गंभीर संकट खड़ा हो सकता है जिसके मुकाबले में रूस-यूक्रेन संघर्ष के प्रभाव भी बौने साबित होंगे।
हिंदुओं पर हमला – संयोग या साजिश ?
कनाडा का सरकारी आंकड़ा बताता है कि बीते कुछ वर्षों में उनके देश में एंटी-हिंदू नैरेटिव में 72 फीसद की तेजी आई है. माना जा रहा है कि इसकी प्रमुख वजह खालिस्तानी समर्थकों का इस्लामिक कट्टरपंथियों से हाथ मिला लेना है.
मैक्रों के बयान पर बहस: नई दुनिया का उदय
बेशक यूक्रेन युद्ध में कम योगदान के लिए फ्रांस की भूमिका अक्सर सवालों में घिरती रही है, लेकिन यूरोप के ज्यादातर अन्य देश भी अमेरिका को लेकर सहज नहीं हैं।
साकार होगा विपक्षी एकता का ‘चमत्कार’?
वैसे अगर किसी तरह विपक्ष बीजेपी के खिलाफ एकजुट रहने का चमत्कार कर दिखाता है, तो फिर चुनाव दिलचस्प हो सकता है। लेकिन राजनीति में कोई दल अपने हितों की अनदेखी कर गठबंधन नहीं बनाएगा।
2024 की अंगड़ाई कर्नाटक की लड़ाई
जहां तक वोक्कालिगा समुदाय की बात है तो यह कर्नाटक का दूसरा प्रमुख समुदाय है और राज्य की आबादी में इसकी 12 से 14 फीसद के बीच हिस्सेदारी है।
ग्लोबल वॉर्मिंग का गहराता संकट: अब नहीं तो कब?
विडंबना है कि ऐसी आपातकालीन परिस्थिति आसन्न होने के बावजूद पर्यावरणीय प्रदूषण के सबसे बड़े जिम्मेदार दो देश - चीन और अमेरिका ने जीवाश्म ईंधन की नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
यूपी बना मिसाल, ‘जीरो टॉलरेंस’ का कमाल
योगी सरकार साल 2017 में उत्तर प्रदेश में सत्ता में आई थी और तब से ही कानून-व्यवस्था उसके शासन मॉडल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
जापान की ‘आपदा’, भारत में ‘अवसर’
2008 में 12 करोड़ 80 लाख के उच्चतम शिखर से जापान की आबादी केवल डेढ़ दशक में घटकर 34 लाख से अधिक की गिरावट के साथ 12 करोड़ 46 लाख रह गई है।
हिंडनबर्ग रिपोर्ट, विदेशी साजिश या खुफिया सोर्स?
हिंडनबर्ग से पहले फिच ग्रुप की क्रेडिट साइट्स ने भी अगस्त 2022 में रिपोर्ट जारी कर बताया था कि अडानी ग्रुप पर भारी कर्ज का बोझ है।
आड़े आए पाक के कर्म, भारत कैसे निभाए पड़ोसी धर्म?
भारत तो वैसे भी वसुधैव कुटुंबकम की संस्कृति वाला देश रहा है जिसमें पड़ोसी ही क्या पूरी दुनिया को एक परिवार मानने का भाव है। सत्ता में आने के बाद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने इस महान परंपरा को कई मौकों पर नया आयाम दिया है।





