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भारत के 7 ऐसे ऐतिहासिक शहर, जो वक्त के साथ हो गए लुप्त लेकिन आज भी उनके वैभव की कहानियां जिंदी हैं

भारत का इतिहास गौरवशाली शहरों से भरा हुआ है जो बिना निशान के लुप्त हो गए हैं, लेकिन आज भी यह इतिहासकारों, यात्रियों और पुरातत्वविद्वानों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं.

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Indian lost Cities: भारत का इतिहास ऐसे गौरवशाली शहरों से भरा हुआ है जो बिना किसी निशान के लुप्त हो गए हैं. डूबे हुए द्वारका शहर से लेकर लोथल और कालीबंगन जैसे उन्नत सिंधु घाटी स्थलों तक, ये सात लुप्त शहर व्यापार, आध्यात्मिकता और शक्ति के केंद्र थे. विजयनगर और फतेहपुर सीकरी आक्रमणों और पर्यावरणीय चुनौतियों के कारण नष्ट हो गए, जबकि पूम्पुहार और तक्षशिला बाढ़ और युद्ध की भेंट चढ़ गए. आज, उनके खंडहर, प्राचीन वैभव की कहानियाँ सुनाते हैं और इतिहासकारों, यात्रियों और पुरातत्वविद्वानों को आकर्षित करते हैं.

द्वारका, गुजरात- इसे भगवान कृष्ण की नगरी के नाम से जाना जाता है. द्वारका भारत के सबसे प्रसिद्ध लुप्त शहर में से एक है और प्राचीन हिंदू ग्रंथों, विशेषकर महाभारत में, कृष्ण की मृत्यु के बाद समुद्र में डूबे एक भव्य नगर के रूप में जाना जाता है. गुजरात के तट पर पानी के नीचे की पुरातात्विक खुदाई में ऐसी संरचनाएँ, पत्थर के लंगर और दीवारें मिली हैं जो किसी जलमग्न प्राचीन बस्ती का संकेत देती हैं. यह अभी भी एक रहस्य है कि क्या यह पौराणिक द्वारका है, लेकिन खोज शहरी नियोजन का संकेत देती हैं.

लोथल, गुजरात- लगभग 2400 ईसा पूर्व सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख शहर है. यह अपने परिष्कृत गोदी-गृहों के लिए जाना जाता है, जिसे दुनिया के सबसे प्राचीन गोदी-गृहों में से एक माना जाता है. यह एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र था, जहाँ से मेसोपोटामिया भर में मोतियों, रत्नों और आभूषणों का निर्यात होता था. शहर में अच्छी जल निकासी व्यवस्था, गोदाम और पक्की सड़कें थीं, लेकिन नदियों के बदलते मार्गों और बाढ़ के कारण इसका धीरे-धीरे पतन हो गया. आज, इसके केवल खंडहर ही बचे हैं, लेकिन यह प्रारंभिक नगरीय नियोजन की आकर्षक जानकारी प्रदान करता है.

विजयनगर, हम्पी, कर्नाटक- 14वीं शताब्दी में विजयनगर साम्राज्य की गौरवशाली राजधानी रही हम्पी अपने अद्भुत मंदिरों, महलों, बाज़ारों और सिंचाई प्रणालियों के लिए प्रसिद्ध है. 1565 में, तालीकोटा के युद्ध के बाद दक्कन सल्तनतों ने इसे नष्ट कर दिया और इसे खंडहर बना दिया.आज, हम्पी (विजयनगर का स्थल) एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, लेकिन इसकी पूर्व भव्यता का अधिकांश भाग समय के नीचे दब गया है.

फतेहपुर सीकरी, उत्तर प्रदेश: फतेहपुर सीकरी ,उत्तर प्रदेश इसे मुगल सम्राट अकबर ने 16वीं शताब्दी में अपनी राजधानी के रूप में बनवाया था.यह फ़ारसी, भारतीय और इस्लामी वास्तुकला का अद्भुत मिश्रण है. भीषण जल संकट के कारण यह शहर मात्र 14 वर्षों में ही वीरान हो गया था, और आज इसके संरक्षित महल, मस्जिदें और प्रांगण समय में जमे हुए एक भूतिया शहर की तरह खड़े हैं.

कालीबंगन, राजस्थान: यह सिंधु घाटी सभ्यता का एक और महत्वपूर्ण शहर है, जो अब सूख चुकी घग्गर नदी के तट पर स्थित है और अपनी अनोखी अग्नि वेदियों और प्रारंभिक कृषि तरीकों के लिए जाना जाता है. यह संभवतः भीषण बाढ़ या नदी प्रणालियों में बदलाव के कारण लुप्त हो गया, और अब केवल उत्खनन स्थल ही बचे हैं जो इसके खोए हुए गौरव को प्रकट करते हैं.

तक्षशिला अब पाकिस्तान में यह प्राचीन शहर लगभग पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व से शिक्षा, व्यापार और बौद्ध विद्वता के केंद्र के रूप में जाना जाता है. कभी दुनिया के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक होने के कारण, इसने दुनिया भर के विद्वानों को आकर्षित किया.यह कई साम्राज्यों के अधीन फला-फूला, लेकिन अंततः आक्रमणों से नष्ट हो गया, जिनमें पाँचवीं शताब्दी ईस्वी में हूणों द्वारा किए गए आक्रमण भी शामिल थे. अब यह खंडहरों में पड़ा है, हालाँकि यह महत्वपूर्ण पुरातात्विक अवशेषों के साथ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है.

पूम्पुहार,तमिलनाडु: कावेरी नदी के मुहाने पर स्थित, कावेरीपट्टिनम नामक यह कभी एक हलचल भरा चोल बंदरगाह शहर था.तमिल संगम साहित्य में इसका उल्लेख एक समृद्ध समुद्री व्यापार केंद्र के रूप में मिलता है.साहित्यिक स्रोतों और पानी के नीचे की खोजों, दोनों के अनुसार, 300 ई. के आसपास आई विनाशकारी बाढ़ या सुनामी के कारण शहर का अधिकांश भाग समुद्र में नष्ट हो गया. आधुनिक तटरेखा पर केवल बिखरे हुए खंडहर ही बचे हैं.

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-भारत एक्सप्रेस 



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