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Ganesh Chaturthi 2025: मुंबई के 6 सबसे खूबसूरत गणपति पंडाल, लालबागचा राजा से लेकर डोंगरी चा राजा तक का भव्य सफर

जिस दिन का इंतजार बप्पा के भक्तगण हर साल करते है आखिरकार आज वो दिन आ ही गया. गणपत्ती बप्पा के आगमन पर पूरा महाराष्ट्र रंगो के से सरोबार हो जाता है, इस पर्व का उत्साह, उमंग और उल्लाह का चटक रंग सभी पर चढ़ जाता है.

Ganesh Chaturthi 2025: जिस दिन का इंतजार बप्पा के भक्तगण हर साल करते है आखिरकार आज वो दिन आ ही गया. गणपत्ती बप्पा के आगमन पर पूरा महाराष्ट्र रंगो के से सरोबार हो जाता है, इस पर्व का उत्साह, उमंग और उल्लाह का चटक रंग सभी पर चढ़ जाता है. इस उत्सव को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाते हैं इस पर्व के दौरान लगने वाले भव्य पंडाल जो जगप्रसिद्ध है. महाराष्ट्र खासकर मुंबई में ऐसे कई नामचीन गणपति पंडाल है जहां विराजमान होने वाले गणपति बप्पा के दर्शन के लिए 10 दिनों के दौरान लाखों की संख्या में भक्त उमड़ते हैं. ऐसे में चलिए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे ही पंडाल के बारे में जिनकी भव्यता से पूरा शहर स्वर्ग सा सुंदर हो जाता है.

लालबाग में विराजमान किए जाने वाले गणपति बप्पा को लालबागचा राजा पंडाल कहा जाता है. मुंबई के लोवर परेल इलाके में स्थित लालबागचा राजा की 1934 में स्थापना हुई थी. गणेश चतुर्थी उत्सव के दैरान यहां पर लगे पंडाल में न केवल लाखों लोग बल्कि सेलेब्रिटी भी बप्पा के दर्शन करने आते हैं. अगर आपको लालबागचा राजा के दर्शन करने हैं, तो चिंचपोकली या करी रोड में से किसी भी रेलवे स्टेशन पर उतरकर लालबाग मार्केट जा सकते हैं.

गणेश गली चा पंडाल राजा लालबागचा राजा से कुछ ही दूरी पर मौजूद है. मुंबई के सबसे पुराने गणपति मंडल में से एक होने के कारण इस पंडाल का ऐतिहासिक महत्व है, जहां 1928 में पहली बार गणेश गली चा राजा को स्थापित किया गया था. ये जगह चिंचपोकली, कारी रोड या फिर लोवर परेल रेलवे स्टेशन से कुछ मिनटों की पैदल दूरी पर ही है.

जीएसबी सेवा किंग सर्कल गणपति पंडाल की शुरुआत 1954 में कर्नाटक से आए एक ब्राह्मण परिवार द्वारा किया गया था. इस पंडाल की कुछ बातें इसे सभी गणपति पंडालों से अलग करती है. इस पंडाल के गणपति बने तो मिट्टी के ही होते है लेकिन इसकी बनावट और सजावट ना सिर्फ खूबसूरत बल्कि जीवंत भी होती है. इस पंडाल की दूसरी खासियत गणपति की मूर्ति पर चढ़ाए जाने वाला बेशुमार सोना है.

खेतवाड़ी का राजा पंडाल- खेतवाड़ी इलाके में हर गली में गणपति विराजे जाते है, लेकिन गली नंबर 12 में विराजमान होने वाले गणपति सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है. इस पंडाल की शुरुआत 1959 में हुई थी और 2000 में यहां गणेश भक्तों द्वारा 40 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा विराजमान की गई थी जिसने इस पंडाल को प्रसिद्धस बना दिया. सह पंडाल वेस्टर्न लाइन के चर्नी रोड या सेंट्रल लाइन के सैंडहर्स्ट रोड स्टेशन से उतरकर 15 मिनट पैदल दूरी पर हैं.

डोंगरी चा राजा पंडाल मुंबई के सबसे खूबसूरत पंडालों में से एक है. यहां तक पहुंचने के लिए आपकों सांताक्रुज रेलवे स्टेशन से उतरकर 15 से 20 मिनट की पैदल यात्रा करनी पड़ेगी जो भगवान की दर्शन की लालसा में बेहद आसानी से तय हो जाएगी.

परेल चा राजा पंडाल की एक अलग खासियत है जो इस मंडल को सबसे अलग बनाता है, वो है इस मंडल द्वारा सजावट के जरिए हर साल किसी न किसी सामाजिक मुद्दे को उठाना और दुसरी खासियत यह है कि इस पंडाल में विराजे बप्पा दुसरो पंडालों से अलग खड़े अवस्था में होते हैं. इस पंडाल की शुरुआत 1947 में हुई थी जहां पहुंचने के लिए आपको सेंट्रल लाइन के परेल या फिर वेस्टर्न लाइन के प्रभादेवी रेलवे स्टेशन पर उतरना होगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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