AI Cyber Attack: 21वीं सदी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का युग बताया जा रहा है. AI की मदद से कठिन से कठिन काम को मिनटों में खत्म कर दिया जा सकता है. चाहे वो एजुकेशन हो या फिर साइंस, सभी क्षेत्रों में अब एआई की मदद ली जा रही है. इस नए युग में एआई ने हमारी जिंदगी को बदल दिया है, लेकिन इसके साथ खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं.
हाल ही में एक टेक कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) को ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसके संभावित खतरे को लेकर दिग्गज उद्योगपति एलन मस्क ने पहले ही भविष्यवाणी की थी.
मशीन खुद को समझने लगी साइबर टीम का मेंबर
दरअसल टेक कंपनी एंथ्रोपिक उस समय हैरान रह गई, जब उसे जानकारी मिली कि उसके क्लाउड कोड नाम के AI मॉडल ने कई देशों की सरकारों पर हमले शुरू कर दिये. यहीं नहीं जांच में ये भी पाया गया कि इस AI मॉडल ने कई कंपनियों और वित्तीय संस्थानों पर भी हमले किए.
एंथ्रोपिक कंपनी ने इसको लेकर एक रिपोर्ट जारी किया है. जिसमें उसने इस हमले का मास्टरमाइंड एक चीनी हैकर ग्रुप को बताया है. हैकर्स के इस ग्रुप ने एआई को इस तरह धोखा दिया कि वह खुद को एक साइबर सिक्योरिटी टीम का हिस्सा समझने लगा. वह खुद ही कई देशों के नेटवर्क को स्कैन करने लगा, उनकी कमजोरियां तलाश कर उनके पासवर्ड निकाले और डेटा की चोरी की.
कैसे दिया धोखा?
एंथ्रोपिक की रिपोर्ट में बताया गया कि उनके क्लाउड कोड को ऐसे डिजाइन किया गया है कि वह किसी भी क्षति पहुंचाने या गैरकानून गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता, लेकिन उस हैकर्स के ग्रुप ने उसे सोशल इंजीनियरिंग के जरिये धोखा दे दिया. पहले उन्होंने AI को छोटे-छोटे टास्क दिये, जिसके चलते वह उनके साथ फ्रैंडली हो गया. इन छोटे-छोटे टास्क के जरिये उस हैकर्स के ग्रुप ने उसे गैरकानूनी काम करने के लिए बाध्य कर दिया.
-भारत एक्सप्रेस
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