Baba Lilautinath Temple crocodile
Baba Lilautinath Temple crocodile: लखीमपुर से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध बाबा लिलौटीनाथ मंदिर में सावन माह की शुरुआत से ठीक पहले एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई देने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर के तीर्थ जलाशय में एक बड़ा मगरमच्छ स्पष्ट रूप से देखा गया. इसकी जानकारी मिलते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने या किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है, लेकिन मगरमच्छ की मौजूदगी ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सावन मेले से पहले बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि 30 जुलाई से सावन माह की शुरुआत होने जा रही है. इस दौरान बाबा लिलौटीनाथ मंदिर में हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने और दर्शन के लिए पहुंचते हैं. हर वर्ष सावन के पूरे महीने मंदिर परिसर और तीर्थ स्थल पर भारी भीड़ रहती है. ऐसे समय में जलाशय में मगरमच्छ का दिखाई देना प्रशासन और वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है. श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भीड़भाड़ के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील
घटना के बाद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से जलाशय के आसपास विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक किसी भी व्यक्ति को जलाशय के बेहद करीब नहीं जाना चाहिए. मंदिर आने वाले भक्तों से भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और बच्चों पर विशेष नजर रखने की सलाह दी जा रही है.
वन विभाग और प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय ग्रामीणों, मंदिर समिति और श्रद्धालुओं ने वन विभाग एवं जिला प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि विशेषज्ञों की टीम भेजकर मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाए. साथ ही सावन मेले को देखते हुए मंदिर परिसर और तीर्थ स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालु बिना किसी भय के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकें.
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत
सावन में बाबा लिलौटीनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी मानी जा रही है. समय रहते प्रभावी कार्रवाई और सुरक्षा इंतजाम किए जाने से किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सकता है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वन विभाग जल्द कार्रवाई करेगा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, जिससे सावन मेले का आयोजन सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके.
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