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वर्ल्ड कप से तौबा! आखिर उस बंद कमरे की मीटिंग में क्या हुआ? बांग्लादेशी क्रिकेट को किया तबाह

बांग्लादेश ने भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप का बहिष्कार कर सनसनी फैला दी है. 22 जनवरी को हुई हाई-प्रोफाइल मीटिंग में खेल सलाहकार आसिफ नजरुल के कड़े रुख के आगे क्रिकेट बोर्ड बेबस नजर आया, वहीं सीनियर खिलाड़ी खामोश रहे.

Bangladesh T20 World Cup boycott

क्रिकेट के गलियारों से एक ऐसी खबर आई है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. बांग्लादेश ने भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में खेलने से साफ इनकार कर दिया है. कहने को तो यह सिर्फ एक टूर्नामेंट का बॉयकॉट है, लेकिन इसके पीछे की कहानी किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं है. आखिर 22 जनवरी को हुई उस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में ऐसा क्या हुआ कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने इतना आत्मघाती कदम उठा लिया?

खामोश खिलाड़ी और सख्त सरकार

गुरुवार को ढाका में हुई इस बैठक में माहौल बेहद तनावपूर्ण था. सूत्रों की मानें तो खेल सलाहकार आसिफ नजरुल पूरी तरह फ्रंट फुट पर खेल रहे थे, जबकि बोर्ड अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ‘बुलबुल’ बेबस नजर आए. सबसे हैरान करने वाली बात रही खिलाड़ियों की चुप्पी.

तमीम इकबाल जैसे दिग्गज के साथ हुए दुर्व्यवहार ने टीम के भीतर एक डर पैदा कर दिया है. सीनियर खिलाड़ियों को लगा कि जब तमीम जैसा बड़ा नाम सुरक्षित नहीं है, तो बोलने का फायदा क्या? बैठक के बाद नजरुल ने इसे ‘प्राइवेट बातचीत’ बताकर पल्ला झाड़ लिया, लेकिन खिलाड़ियों के पास ‘हाँ’ में ‘हाँ’ मिलाने के अलावा कोई चारा नहीं था.

‘बुलबुल’: बांग्लादेश के पहले टेस्ट शतकवीर

बांग्लादेश के पहले टेस्ट शतकवीर बुलबुल का नाम कभी बड़े सम्मान से लिया जाता था, लेकिन अब उनके करियर पर एक ऐसा दाग लग गया है जिसे धोना नामुमकिन होगा. वे BCB के ऐसे पहले अध्यक्ष बन गए हैं जिनके कार्यकाल में टीम ने किसी वर्ल्ड कप से हटने का फैसला किया. 10 साल तक ICC में काम करने के बावजूद बुलबुल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने देश के लिए समर्थन नहीं जुटा सके. पाकिस्तान को छोड़कर किसी भी देश या खुद ICC ने उनकी वेन्यू बदलने की मांग को घास तक नहीं डाली.

दांव पर खिलाड़ियों का करियर

बांग्लादेश का यह फैसला उसके लिए आर्थिक रूप से ‘सुसाइड नोट’ साबित हो सकता है. ICC से मिलने वाले सालाना करीब 250 करोड़ भारतीय रुपये अब खतरे में हैं. बोर्ड की 60% कमाई डूबने की कगार पर है. साथ ही अगस्त-सितंबर में होने वाली भारत-बांग्लादेश सीरीज भी अब रद्द हो सकती है. ब्रॉडकास्टिंग के लिहाज से यह सीरीज बांग्लादेश के लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी जैसी थी. लिटन दास जैसे खिलाड़ियों के लिए यह अपनी प्रतिभा दिखाने का आखिरी बड़ा मंच हो सकता था. सरकार मैच फीस की भरपाई तो कर सकती है, लेकिन जो अंतरराष्ट्रीय अनुभव और पहचान छिन गई है.

ये भी पढ़ें: ICC T20 World Cup 2026: भारत में मैच नहीं खेलेगा बांग्लादेश, टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा

-भारत एक्सप्रेस



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