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Gold Medalist हरजीत सिंह ने जर्मनी तक बजाया फुटबॉल का डंका, पंजाब सरकार 75 लाख के वादे से मुकरी; पंचर लगाकर कर रहे गुजारा

Athlete Struggles: जर्मनी में गोल्ड जीतने वाले पैरा ओलंपियन हरजीत सिंह के लिए पंजाब सरकार ने बड़े वादे किए थे, मगर आज वह साइकिल के पंचर की दुकान चलाकर अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं. पढिए उनके स्‍ट्रगल की कहानी.

Faridkot football Player Harjeet Singh

फीचर फोटो- गोल्ड मेडलिस्ट हरजीत सिंह,‍ जिनकी सरकार ने की अनदेखी

Aarika Singh Edited by Aarika Singh

REPORTER: Tarsem Chopra


Faridkot football Player Harjeet Singh: पंजाब में फरीदकोट जिले के गांव से ताल्लुक रखने वाले हरजीत सिंह, जिन्होंने विशेष पैरा ओलंपिक फुटबॉल प्रतियोगिता में देश के लिए गोल्‍ड मेडल जीता था, और पढ़ाई में भी शानदार परफॉर्मेंस दी थी, वे आज साइकिल के पंचर की दुकान लगाकर जीवनयापन करने को मजबूर हैं. दिमागी तौर पर थोड़े कमजोर, लेकिन शारीरिक रूप से बेहद मजबूत हरजीत सिंह की कहानी प्रेरणादायक है. चिंतित करने वाला सच यह है कि सरकार ने उनकी उपेक्षा की.

हरजीत सिंह के लिए पंजाब सरकार द्वारा यह वादा किया गया था कि ओलंपिक में गोल्ड लाने वाले खिलाड़ियों को ₹75 लाख और सरकारी नौकरी दी जाएगी. लेकिन हरजीत और उनके परिवार को न तो पैसे मिले, न नौकरी. हरजीत के भाई हैपी सिंह ने मंत्री से लेकर संतरी तक सभी दरवाजे खटखटाए, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला.

हरजीत का फुटबॉल सफर पटियाला में 2021 में शुरू हुआ. इसके बाद वह गांधीनगर, झारखंड, चेन्नई और नोएडा जैसे शहरों में आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेते रहे. अंत में, जून 2023 में जर्मनी के बर्लिन में आयोजित स्पेशल ओलंपिक्स में उन्होंने देश के लिए गोल्ड जीता.

Gold Medalist हरजीत सिंह

बिना किसी पेशेवर कोच के किया कमाल

हरजीत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने बिना किसी पेशेवर कोच के खुद को इस स्तर तक पहुंचाया. पढ़ाई में भी वे अव्वल रहे हैं. वे आज भी फुटबॉल से जुड़ाव बनाए रखते हुए सरकारी स्कूल के मैदान में प्रैक्टिस करते हैं.

परिवार की आंखों में उम्मीद और दर्द

हरजीत के पिता शामा सिंह और भाई हैपी सिंह की आंखों में जहां बेटे की उपलब्धियों का गर्व है, वहीं सिस्टम से मिले धोखे की पीड़ा भी. उनका कहना है कि सरकार को अपने किए वादों को निभाना चाहिए, जिससे खिलाड़ी गुमनामी और गरीबी में न जिएं.

फरीदकोट विधायक गुरदीत ने क्‍या कहा

फरीदकोट के विधायक गुरदीत सिंह सेखों ने कहा है कि हर खिलाड़ी का मान-सम्मान किया जाएगा. हरजीत के दस्तावेज सरकार को भेज दिए गए हैं, और जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी.

बड़ा सवाल- सरकार अब जागेगी?

हरजीत सिंह जैसे खिलाड़ियों की कहानी सिर्फ व्यक्तिगत संघर्ष नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी को भी उजागर करती है. अब देखना यह है कि क्या पंजाब सरकार इस होनहार खिलाड़ी की सुध लेती है, या फिर यह वादा भी बाकी वादों की तरह कागजों में ही सिमट कर रह जाएगा.

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-भारत एक्सप्रेस 



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