खेल

U-19 WC: भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाली 15 लड़कियां: श्वेता सेहरावत रहीं टूर्नामेंट की टॉप बल्लेबाज, पार्श्वी चोपड़ा ने झटके 11 विकेट

U-19 World Cup: म्हारी छोरियां छोरो से कम है के..? फिल्म दंगल में आमिर खान की ये बात छोरों को दिल में चूभ गई लेकिन सच तो आखिर सच ही है. जिसे साबित किया है भारतीय महिला क्रिकेट की जूनियर टीम ने. अंडर-19 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने एक नया इतिहास रचते हुए महिला क्रिकेट में पहली ICC ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. साउथ अफ्रीका के पोचेस्ट्रूम में खेले गए फाइनल में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की. इस स्टोरी में आगे हम भारतीय स्क्वॉड में शामिल सभी 15 लड़कियों की प्रोफाइल के बारे में जानेंगे.

ये हैं भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाली 15 खिलाड़ी

शेफाली वर्मा, कप्तान, सलामी बल्लेबाज: रोहतक की रहने वाली अंडर-19 टीम की यह कप्तान टीम की सबसे चर्चित खिलाड़ी हैं जो सीनियर स्तर पर पहले ही तीन विश्व कप फाइनल खेल चुकी है. नवंबर 2019 में 15 साल 285 दिन की उम्र में वह अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर को पछाड़कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक जड़ने वाली सबसे युवा खिलाड़ बनीं.

श्वेता सहरावत, सलामी बल्लेबाज: दक्षिण दिल्ली की यह लड़की वॉलीबॉल, बैडमिंटन और स्केटिंग में हाथ आजमाने के बाद क्रिकेट से जुड़ी. खिताबी मुकाबले में 69 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जल्दी पवेलियन लौटी लेकिन टीम के फाइनल के सफर में उनकी भूमिका अहम रही. वह सात पारियों में 99.00 की औसत और लगभग 140 के स्ट्राइक रेट से 297 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहीं.

ये भी पढ़ें: Hockey World Cup में खराब प्रदर्शन के बाद भारतीय पुरूष हॉकी टीम के मुख्य कोच ग्राहम रीड का इस्तीफा

सौम्या तिवारी, उप कप्तान: अपनी मां द्वारा कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल होने वाली थापी से क्रिकेट खेलना शुरू करने वाली सौम्या तो शुरू ने उनके कोच सुरेश चियानानी ने नहीं चुना था लेकिन बाद में उन्होंने इस बल्लेबाज को मौका दिया.उन्होंने फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ सात विकेट की जीत के दौरान विजयी रन बनाए.

तृषा रेड्डी, सलामी बल्लेबाज: तेलंगाना के भद्राचलम की रहने वाली तृषा पूर्व अंडर-16 राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी गोंगादी रेड्डी की बेटी हैं.बचपन में ही उन्होंने अपनी आंखों और हाथ के बीच तालमेल से अपने पिता को प्रभावित किया जिन्होंने उसकी क्रिकेट महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अपनी चार एकड़ की पैतृक भूमि बेच थी.

ऋषिता बासु, वैकल्पिक विकेटकीपर: कई अन्य खिलाड़ियों की तरह ऋषिता ने शुरुआत गली क्रिकेटर के रूप में की.कोलकाता के हावड़ा की रहने वाली ने नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पदार्पण का मौका मिलने के बाद इसका पूरा फायदा उठाया.

रिचा घोष, विकेटकीपर-बल्लेबाज: रिचा विकेटकीपर के साथ आक्रामक बल्लेबाज हैं.वह महेंद्र सिंह धोनी को अपना आदर्श मानती है लेकिन यह उनके पिता मानवेंद्र घोष ने जिन्होंने उनका ‘पावर गेम’ निखारने में मदद की.उन्होंने पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में 36 और 26 रन की अहम पारियां खेलकर सुर्खियां बटोरी.

टिटास साधु, तेज गेंदबाज: उनका परिवार आयु वर्ग का क्लब चलाता है.वह 10 साल की उम्र में क्लब की क्रिकेट टीम के साथ ‘स्कोरर’ के रूप में जाती थी.फाइनल की स्टार खिलाड़ियों में शामिल टिटास अपने राज्य बंगाल की दिग्गज झूलन गोस्वामी की राह पर चल रही हैं.वह तेज गति से गेंद कराती हैं, उछाल हासिल करती हैं और गेंद को दोनों ओर स्विंग करा सकती हैं.वह अपने पिता की तरह फर्राटा धाविका बनना चाहती थी.उन्होंने 10वीं की बोर्ड परीक्षण में 93 प्रतिशत अंक जुटाए लेकिन क्रिकेट में करियर बनाने के लिए पढ़ाई छोड़ दी.

सोनम यादव, बाएं हाथ की स्पिनर: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की 15 साल की इस स्पिनर के पिता मुकेश कुमार कांच की फैक्टरी में काम करते हैं.उन्होंने सबसे पहले लड़कों के साथ खेलना शुरू किया और उनकी रुचि को देखते हुए मुकेश ने अपनी बेटी को एक अकादमी के साथ जोड़ दिया.बल्लेबाज के रूप में शुरुआत करने वाली सोनम अपने कोच की सलाह पर गेंदबाजी करने लगी।

मन्नत कश्यप, बाएं हाथ की स्पिनर: हवा में तेज गति से गेंद करने वाली मन्नत का एक्शन सोनम से बेहतर है.पटियाला की रहने वाली यह खिलाड़ी लड़कों के साथ गली क्रिकेट खेलते हुए बड़ी हुई और अपनी एक रिश्तेदार के कहने पर खेल को गंभीरता से लेने लगी.

अर्चना देवी, ऑफ स्पिन ऑलराउंडर: अपने क्रिकेट सफर की शुरुआत से पहले ही कैंसर के कारण अपने पिता का गंवाने वाली अर्चना का जन्म उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के रताई पूर्वा गांव के एक गरीब परिवार में हुआ.एक दिन अर्चना के मारे शॉट पर गेंद ढूंढते समय सांप के काटने के कारण उनके भाई बुद्धिराम की मौत हो गई. उनके भाई ने ही अर्चना के क्रिकेटर बनने की इच्छा जताई थी।

पार्श्वी चोपड़ा, लेग स्पिनर: बुलंदशहर की इस लड़की की स्केटिंग में रुचि थी लेकिन उन्हें क्रिकेट देखना भी पसंद था.पहले प्रयास में नाकाम रहने के बाद उन्हें एक साल बाद राज्य के ट्रायल में चुना गया.उन्होंने विश्व कप में छह मैच में 11 विकेट चटकाए और श्रीलंका के खिलाफ पांच रन देकर चार विकेट हासिल किए।

फलक नाज, तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर: टूर्नामेंट में फलक को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच में इस तेज गेंदबाज ने किफायती गेंदबाजी करते हुए तीन ओवर में सिर्फ 11 रन दिए लेकिन उन्हें विकेट नहीं मिला. उनके पिता नासिर अहमद उत्तर प्रदेश के एक स्कूल में काम करते हैं और उनकी मां गृहणी है.

हर्ले गाला, ऑलराउंडर: मुंबई में एक गुजराती परिवार में जन्मीं हर्ले ने 15 साल की उम्र में सीनियर टीम के साथ पदार्पण किया. उन्होंने घरेलू मैच में शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा के विकेट चटकाकर लोगों का ध्यान खींचा था.

सोनिया मेधिया, बल्लेबाजी ऑलराउंडर: हरियाणा की सोनिया ने टूर्नामेंट में चार मैच खेले लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला.उन्होंने पांच ओवर में 30 रन दिए.

शबनम शकील, तेज गेंदबाज: विशाखापत्तनम की इस 15 वर्षीय तेज गेंदबाज ने दो मैच खेले और एक विकेट चटकाया. उनके पिता नौसेना में हैं और वह भी तेज गेंदबाज थे.

Amit Kumar Jha

Recent Posts

आजम खान पर ईडी का बड़ा शिकंजा: जौहर यूनिवर्सिटी की ₹426.46 करोड़ की संपत्ति कुर्क, मार्केट प्राइस ₹1,170 करोड़!

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सपा नेता आजम खान और मौलाना मोहम्मद…

7 hours ago

मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 का रीडेवलपमेंट: 60 साल पुरानी इमारत की जगह होगा अत्याधुनिक ‘गेटवे’, सालाना 2 करोड़ यात्रियों की क्षमता

छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (CSMIA) ने टर्मिनल 1 (T1) के पुनर्विकास की पहली कलात्मक…

7 hours ago

अंडमान-निकोबार से ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान का आगाज: PM मोदी के संकल्प को साकार करने के लिए LG डॉ. दिनेश शर्मा ने कर्मियों को दिलाई शपथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी उन्मूलन के संकल्प को साकार करने के लिए अंडमान-निकोबार के…

8 hours ago

ANDAMAN NICOBAR: LG डॉ. दिनेश शर्मा की श्री विजयपुरम में विभागीय समीक्षा बैठक, अफसरों को निर्देश- जनहित के कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं!

श्री विजयपुरम स्थित लोक निवास में उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने सभी विभागों की उच्चस्तरीय…

8 hours ago

‘जाणता राजा’ के ऐतिहासिक महामंचन का 250 कलाकारों के शानदार अभिनय के साथ भव्य समापन, अंतिम दिन भी गाजियाबाद में उमड़ा जनसैलाब

गाजियाबाद के सनसिटी में दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन…

9 hours ago