IPL 2025: राजस्थान रॉयल्स का IPL 2025 में सफर बेहद निराशाजनक रहा और टीम को 50वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 100 रन से हार का सामना करना पड़ा. इस हार के साथ ही राजस्थान की टीम टूर्नामेंट से बाहर होने वाली दूसरी टीम बन गई है. इससे पहले चेन्नई सुपर किंग्स सबसे पहले प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई थी.
इस सीजन में आरआर ने अब तक 11 मैच खेले हैं, जिनमें सिर्फ 3 में जीत मिली और बाकी 8 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. यह हार उनके IPL इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी हार भी है. इससे पहले 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें 112 रन से हराया था.
IPL इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी हार
राजस्थान रॉयल्स ने इस सीजन की शुरुआत दो लगातार हार के साथ की थी. हालांकि, इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए अगले दो मुकाबले जीते, लेकिन फिर से उनका ग्राफ गिरता ही गया. टीम को लगातार 5 मैचों में हार का सामना करना पड़ा. गुजरात टाइटंस के खिलाफ ‘करो या मरो’ मुकाबले में टीम ने दम दिखाते हुए 8 विकेट से जीत दर्ज की, मगर मुंबई इंडियंस से मिली करारी शिकस्त ने उनकी प्लेऑफ की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया.
अब टीम के पास सिर्फ तीन मुकाबले बचे हैं, जो कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स जैसी टीमों के खिलाफ होंगे. टीम का प्रदर्शन कप्तान संजू सैमसन की गैरमौजूदगी में और भी कमजोर दिखा. उनकी चोट के चलते रियान पराग को कप्तानी सौंपी गई, लेकिन वह टीम को संभाल नहीं सके. विशेष रूप से मिडिल ऑर्डर ने बार-बार निराश किया.
हालांकि, ओपनिंग जोड़ी की बात करें तो वहां टीम के पास कुछ उम्मीदें नजर आईं. यशस्वी जायसवाल ने 43.90 की औसत से 439 रन बनाकर प्रभावित किया, जबकि युवा वैभव सूर्यवंशी भविष्य के स्टार खिलाड़ी के तौर पर नजर आए. लेकिन मिडिल ऑर्डर का फ्लॉप शो टीम की सबसे बड़ी कमजोरी रहा.
कमजोर कड़ी साबित हुआ मिडिल ऑर्डर
मैच के बाद कार्यवाहक कप्तान रियान पराग ने भी माना कि मिडिल ऑर्डर ने समय पर जिम्मेदारी नहीं निभाई. उन्होंने कहा, “हमारी शुरुआत ठीक रही लेकिन बीच के ओवरों में हम लड़खड़ा जाते हैं. इसमें मैं और ध्रुव जुरैल दोनों शामिल हैं. पावरप्ले में जल्दी विकेट गिरने के बाद मिडिल ऑर्डर को पारी को संभालने की जरूरत होती है.”
बॉलिंग डिपार्टमेंट की बात करें तो राजस्थान की गेंदबाजी यूनिट भी इस सीजन में कमजोर नजर आई. जोफ्रा आर्चर से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वे उन्हें पूरी नहीं कर सके. फजलहक फारूकी और आकाश मेघवाल जैसे पेसर भी प्रभाव नहीं छोड़ सके. स्पिन अटैक में महीश तीक्षणा से भी बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन निरंतरता का अभाव रहा.
-भारत एक्सप्रेस
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