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चौंकाने वाला नियम! अब हर महिला एथलीट का होगा SRY जीन टेस्ट; जानें क्यों जरूरी?

World Athletics New Rules: विश्व एथलेटिक्स परिषद ने महिला खिलाड़ियों के लिए नए नियमों का ऐलान किया है. इसके अनुसार, अब हर महिला खिलाड़ी को SRY जीन टेस्ट करना होगा. जानिए इसके पीछे का कारण क्या है?

World Athletics New Rules For female athletes

वर्ल्ड एथलेटिक्स का नया नियम

World Athletics New Rules: वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. इसके अनुसार महिला एथलीटों को अब जीवन में एक बार जेंडर टेस्ट कराना अनिवार्य होगा. यह नियम 1 सितंबर 2025 से लागू होगा और 13 सितंबर से टोक्यो में होने जा रही वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिला एथलीटों को इस टेस्ट को पास करना होगा. परिषद ने प्रेस रिलीज और सोशल मीडिया के जरिए विश्व रैंकिंग प्रतियोगिताओं के लिए महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने हेतु पात्रता शर्तों से संबंधित नए नियमों को मंजूरी की सूचना दी है.

वर्ल्ड एथलेटिक्स के अनुसार, यह टेस्ट लाइफ में एक बार ही कराना होगा. यह गाल से स्वैब या ब्लड सैंपल के जरिए टेस्ट होगा. इससे एथलीट के जेंडर की पहचान होगी. यह नियम उन एथलीटों को रोकने के लिए बनाया गया है जो जेंडर चेंज कराकर महिला बनकर कॉम्पिटिशन में उतरने की कोशिश करते हैं.

नए नियमों की मुख्य बातें

  • सभी एथलीटों को जीवन में एक बार होने वाली SRY जीन जांच से गुजरना अनिवार्य होगा. यह जैविक लिंग निर्धारण के लिए एक विश्वसनीय प्रॉक्सी है.
  • केवल जैविक महिलाएं ही महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं. इसमें पूर्ण एण्ड्रोजन असंवेदनशीलता सिंड्रोम वाले जैविक पुरुष भी शामिल हैं.
  • लिंग विविध एथलीटों के लिए नए नियमों में पूर्व-मंजूरी की आवश्यकता होगी और उन्हें महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने के लिए विशिष्ट शर्तों को पूरा करना होगा.

विश्व एथलेटिक्स के अध्यक्ष की टिप्पणी

विश्व एथलेटिक्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन कोए ने कहा कि नए नियम महिलाओं के खेल की अखंडता की रक्षा और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि जैविक लिंग की पुष्टि के लिए परीक्षण यह सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण कदम है कि एथलीट महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने के लिए पात्र हैं. इससे महिलाओं के खेल अधिकार की सुरक्षा होगी.

जेंडर को लेकर उठे दो विवाद

जेंडर टेस्ट के नियम को लेकर पहले भी कई विवाद हुए हैं. 2018 में साउथ अफ्रीका की महिला एथलीट कास्टर सेमेन्या को IAAF ने जेंडर टेस्ट में फेल हो जाने के बाद बैन कर दिया था. 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स से ठीक पहले भारत की महिला एथलीट दुती चंद को एथलेटिक्स फेडरेशन ने जेंडर टेस्ट में फेल होने के बाद बैन कर दिया था.

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विश्व एथलेटिक्स परिषद (World Athletics) के नए नियम 1 सितंबर 2025 से प्रभावी होंगे और महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले एथलीटों के लिए नए मानक स्थापित करेंगे. ये नियम महिलाओं के खेल की अखंडता की रक्षा और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण हैं और एथलीटों को महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने के लिए पात्रता शर्तों को पूरा करने में मदद करेंगे.



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