Bharat Express DD Free Dish

bihar cm nitish kumar

बिहार में NDA की प्रचंड जीत के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है. विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को नेता चुना गया है और वे 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की मौजूदगी में शपथ ग्रहण समारोह गांधी मैदान में होगा. BJP,JDU और अन्य सहयोगी दलों से कई नए चेहरों के मंत्री बनने की संभावना है.

पिछले 20 सालों से भी अधिक समय से बिहार की राजनीति के एक ध्रुव नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का प्रभुत्व अब भी बना हुआ है. सुशासन बाबू के नाम नौ बार बिहार के मुख्यमंत्री को तौर पर शपथ लेने का रिकॉर्ड है.

Bihar Election : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत 1,11,19,949 पेंशनधारियों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 12,27,27.38 लाख रुपए का हस्तांतरण किया.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पटना डीएम के पैर छुते हुए नजर आ रहे है. जिसके बाद अब ये मामला चर्चा का विषय बन गया है.

प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की स्थिति काफी नाजुक हो चुकी है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को एक बार फिर भाजपा के साथ रहने की बात कहीं. एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुझसे दो बार गलती हो गई थी, लेकिन अब वह भाजपा के साथ ही रहेंगे.

Bihar Fish Looting: बिहार के सहरसा में सीएम नीतीश कुमार के एक सरकारी कार्यक्रम के बाद मछलियों की लूट मच गई. मछली लूट की घटना में तकरीबन 45 हजार रुपये का नुकसान हुआ है.

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव धनंजय सिंह के दिखाई देने के बाद से ही इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है और माना जा रहा है कि, गठबंधन से जेडीयू बड़ी मांग रख सकती है.

Jitan Ram Manjhi: पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि विधानसभा के अभिरक्षक अध्यक्ष हुआ करते हैं. इस बात का दुख है कि सदन के अध्यक्ष (अवध बिहारी चौधरी) सत्ता पक्ष के पक्ष में अपना सारा निर्णय दे रहे हैं.

2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दल तैयारी में जुट गए हैं. एक तरफ बीजेपी है तो दूसरी तरफ INDIA गठबंधन है. दोनों के लिए ही जातिगत जनगणना एक बड़ा मुद्दा है. विपक्ष ने जातिगत जनगणना का दांव चला है, वहीं बीजेपी हिंदुत्व और सोशल इंजीनियरिंग के भरोसे है.