Urdu Conclave 2026

Dussehra 2025

दशहरा 2025 में दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख स्थलों पर रावण दहन का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा. लाल किला, रामलीला मैदान, द्वारका, नोएडा और जनकपुरी जैसे स्थान इस त्योहार की खास पहचान हैं.

दशहरा यानी विजयदशमी को असत्य पर सत्य की जीत का पर्व माना जाता है. रावण दहन की परंपरा सालों से चली आ रही है. कहा जाता है कि पहला रावण दहन 1948 में रांची में हुआ था और 1953 में दिल्ली के रामलीला मैदान में इसकी शुरुआत हुई.

दशहरा के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने गुजरात के भुज में शस्त्र पूजा की. उन्होंने पाकिस्तान को चेताया कि अगर सर क्रीक पर हिमाकत की तो उसका भूगोल और इतिहास बदल जाएगा.

दशहरे 2025 पर मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, मध्य भारत और तटीय इलाकों में बारिश का अनुमान जताया है. ओडिशा के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

Dussehra Wishes 2025: देशभर में दशहरा का त्यौहार की बड़ी धूम रहती है. इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत के दिन के रूप में भी मनाया जाता है.

विजयादशमी पर रावण दहन के साथ नीलकंठ पक्षी दर्शन की परंपरा भी जुड़ी हुई है. मान्यता है कि इस दिन इसके दर्शन से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. जानें इसका महत्व और धार्मिक मान्यता.

इस वर्ष दशहरा विशेष संयोग लेकर आया है. रावण दहन के दिन कई अद्भुत योग बन रहे हैं, जो शुभता और सफलता के संकेत दे रहे हैं. आइए जानें दशहरा 2025 पर रावण दहन का शुभ मुहूर्त और ज्योतिषीय महत्व.

मेरठ का नाम मायाराष्ट्र या मयराष्ट्र से उत्पन्न बताया जाता है.अलग-अलग कई ग्रंथों में उल्लेख है कि यह क्षेत्र दानवों और मायावी शक्तियों का निवास रहा है.

Dussehra 2025: देश का सबसे अनोखा मंदिर है, जहां दशहरे के दिन राक्षस राज की पूजा होती है. यहां विशेष श्रृंगार और पूजन का आयोजन होता है. जानें इस 150 साल पुरानी परंपरा की खासियत क्या है?

दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि इस वर्ष रामलीला का भव्य मंचन 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक किया जाएगा. वहीं, दशहरा पर्व 2 अक्टूबर को पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया जाएगा.