Bharat Express DD Free Dish

EMPLOYMENT

PM Modi Manipur Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 15 सितंबर के बीच मिज़ोरम, मणिपुर, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार का दौरा करेंगे. इस दौरान वे लगभग 70 हज़ार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे, जिनमें रेल, सड़क, ऊर्जा, शिक्षा, खेल और कृषि से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं.

भारत के त्योहारी सीजन में 2.16 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा होने के आसार हैं, ऐसा होने पर अवसर 15-20% बढ़ जाएंगे. रिटेल, ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स में तेजी आएगी. टियर-2 शहरों में मांग 42% बढ़ी है.

Rozgar Mela in India: पीएम मोदी के 'रोजगार मेला' से अब तक 7.22 लाख युवाओं को रोजगार मिला. 16वें मेले में 51 हजार से अधिक को नियुक्ति पत्र सौंपे गए. ईपीएफओ में 23.73 करोड़ पंजीकृत हुए.

कैबिनेट ने 99,000 करोड़ की रोजगार संबद्ध प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी, 3.5 करोड़ नौकरियां सृजित होंगी. 1 अगस्त 2025 से लागू योजना में कर्मचारियों को 15,000 रुपये सब्सिडी और नियोक्ताओं को 2,000-3,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे.

Hire Top Talent in 60 Minutes: Cosmoquick का दावा है कि वो भारत का सबसे तेज़ भर्ती प्लेटफॉर्म बना रहा है, जहाँ कंपनियां बिना बिचौलियों के सीधे योग्य उम्मीदवारों से बहुत कम समय में जुड़ सकती हैं.

Ministry of Labour and Employment: मोदी सरकार की योजनाओं से 50 लाख से अधिक श्रमिकों को लाभ मिला. शिक्षा के लिए 25,000 तक छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य के लिए 7.5 लाख तक सहायता दी गई. PMAY में शामिल RIH स्कीम से आवास सहायता दी गई.

Infrastructure Development: कैबिनेट ने झारखंड, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के सात जिलों में फैली भारतीय रेलवे की दो मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे मौजूदा नेटवर्क में लगभग 318 किलोमीटर की वृद्धि होगी.

सरकार ने 2024-25 के लिए EPF पर 8.25% ब्याज दर को मंजूरी दी. EPFO ने मार्च 2025 में 7.54 लाख नए ग्राहक जोड़े, जिसमें 18-25 आयु वर्ग का 58.94% हिस्सा है. रोजगार और जागरूकता बढ़ने से वृद्धि हुई.

प्रदेश भर में सिविल डिफेंस की व्यवस्था से नागरिक सुरक्षा के साथ ही बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन होगा. अधिकारियों के मुताबिक, अभी 15 जिलों में है सिविल डिफेंस, शेष 60 जिलों में भी लागू करने की प्रक्रिया शुरू.

World Bank Report: भारत में रोजगार वृद्धि ने कामकाजी आबादी की दर को पीछे छोड़ा है. महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है और शहरी बेरोजगारी दर छह साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है.