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FSSAI

पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर चेतावनी लेबल लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और FSSAI को 2 हफ्ते का समय दिया है. कोर्ट ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामले में कॉरपोरेट दबाव नहीं चलेगा.

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने स्कूली बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए जंक फूड और ड्रिंक्स के लिए कड़े मानक तय करने का नया ड्राफ्ट तैयार किया है. इससे स्कूलों में बिकने वाले अनहेल्दी खाने पर लगाम लगेगी.

FSSAI Rule 2026: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने और पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए पान मसाला की पैकेजिंग में प्लास्टिक और एल्युमीनियम फॉयल के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. अब निर्माताओं को कागज, टिन या कांच के डिब्बों का उपयोग करना होगा.

छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बाद अब गुजरात सरकार ने भी 'एनालॉग पनीर' यानी कृत्रिम पनीर के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. जानें आखिर क्या होता है 'एनालॉग पनीर'?

दिल्ली हाईकोर्ट ने FSSAI के उस बैन ऑर्डर पर अंतरिम रोक लगा दी है जिसमें डाबर के 100% शुद्ध वाले उत्पादों की बिक्री रोकने को कहा गया था. कोर्ट ने कहा- बिना सुनवाई का मौका दिए आदेश गलत है.

Dabur FSSAI action: FSSAI ने डाबर इंडिया के कई खाद्य उत्पादों पर किए गए '100% Pure', '100% Natural' और '100% Organic' जैसे दावों पर आपत्ति जताई है. नियामक ने बिक्री रोकने, 15 दिन में ATR जमा करने और कंपनी को पैकेजिंग व विज्ञापनों से ये दावे हटाने के निर्देश दिए हैं.

खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने ग्राहकों की शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्विगी इंस्टामार्ट को 9 नोटिस जारी किए हैं. कंपनी पर सड़े हुए अंडे, एक्सपायर्ड प्रोटीन पाउडर और दूषित शिशु आहार बेचने का आरोप है. FSSAI ने कंपनी से जवाब मांगते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

FSSAI newspaper food packaging warning: एफएसएसएआई ने अखबार में खाना लपेटने और परोसने पर सख्त रोक लगा दी है। इसके पीछे के स्वास्थ्य खतरे और छोटे व्यवसायों पर असर को आसान भाषा में समझने के लिए यह एक्सप्लेनर पढ़ें! अभी क्लिक करें.

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में फूड सेफ्टी टास्क फोर्स बनाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि याचिका में नेशनल टास्क फोर्स बनाने का कोई ठोस आधार नहीं बताया गया है और न ही याचिका में कोई मेरिट है.

सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI और BIS द्वारा निर्धारित पेयजल मानकों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया.