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GDP growth

भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2026 में स्थिर रहेगी, मुद्रास्फीति 2.1% पर सकती है. मॉनसून सामान्य रहने के आसार हैं. अनुमानित जीडीपी वृद्धि 6.2-6.5% हो सकती है. RBI दर कटौती पर विचार कर सकता है.

पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान भारत की सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा समन्वय पहल है, जो देश के कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के दृष्टिकोण को तेजी से बदल रही है.

वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में कृषि क्षेत्र में 7.7 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि की उम्मीद है. यह वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में दर्ज 0.9 प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में काफी अधिक वृद्धि होगी. इसकी वजह खाद्यान्न के उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि होना है.

भारत की GDP पिछले 10 वर्षों में दोगुनी हो गई है, जिससे यह विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है. सरकारी नीतियों, बुनियादी ढांचे में निवेश और डिजिटलीकरण ने इस वृद्धि को संभव बनाया.

भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है. महंगाई में कमी, आरबीआई द्वारा ब्याज दर में कटौती, और निजी निवेश का वृद्धि भारत की मजबूत वृद्धि की दिशा में कदम है.

बीसीजी रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आर्थिक वृद्धि स्थिर बनी हुई है. जीडीपी वृद्धि दर 6-7% रहने का अनुमान है, जबकि मुद्रास्फीति घटी और जीएसटी संग्रह बढ़कर उच्चतम स्तर पर पहुंचा.

विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, भारत को 2047 तक हाई-इनकम स्टेटस पाने के लिए 7.8% की औसत वार्षिक वृद्धि दर की जरूरत होगी. सुधारों की गति बढ़ाकर यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, भारत 2025-26 में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा. आईएमएफ और विश्व बैंक ने क्रमशः 6.5 प्रतिशत और 6.7 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है.

डेलॉयट ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सरकार खुदरा निवेशकों के बढ़ते महत्व को स्वीकार करती है और आगामी केंद्रीय बजट 2025-26 में उनकी भागीदारी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर सकती है.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जनवरी के मासिक बुलेटिन में कहा गया कि भारत की आर्थिक वृद्धि में उछाल आने की संभावना है, क्योंकि घरेलू मांग में मजबूती आ रही है.