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GST

जीएसटी परिषद ने बुधवार (3 सितंबर) को दरों को युक्तिसंगत बनाने को मंज़ूरी दे दी है, जिसके तहत अब जीएसटी में सिर्फ 5% और 18% स्लैब ही लागू रहेंगी.

जीएसटी परिषद (GST Councils) इस सप्ताह अपनी दो दिवसीय बैठक के दौरान रेट एडजस्टमेंट के तहत 150 से अधिक वस्तुओं पर जीएसटी (GST) दरों में कमी के केंद्र के प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय ले सकती है.

GST संग्रह में तेजी से इजाफा हो रहा है और यह लगातार आठवां महीना है जब जीएसटी संग्रह 1.8 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े से ऊपर बना हुआ है, जो देश में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों को दर्शाता है.

वस्तु एवं सेवा कर परिषद (GST Councils) की बैठक 3 सितंबर को होने जा रही है. इस बैठक में 31 अक्टूबर तक कॉम्पेनसेशन सेस समाप्त करने पर चर्चा की जा सकती है.

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के बाद भारत ने अपनी दृष्टिकोण बदली, इसलिए हमने अपना पूरा 5जी स्टैक देश में ही विकसित किया. अब हम तेजी से मेड-इन-इंडिया 6जी की ओर बढ़ रहे हैं.

सरकार GST स्लैब को सरल बनाने पर विचार कर रही है. 28 प्रतिशत वाले स्लैब को घटाकर 18 प्रतिशत किया जा सकता है और ऑटोमोबाइल पर जीएसटी दरों के ऊपर लगाया गया सेस भी समाप्त किया जा सकता है.

रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव में अधिकांश वस्तुओं को दो मुख्य स्लैबों - 5% और 18% - के अंतर्गत रखने का सुझाव दिया गया है, जबकि तंबाकू और ऑनलाइन गेमिंग जैसी वस्तुओं पर 40% टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा गया है. 

पिछले पांच वित्त वर्षों 2020-21 से 2024-25 तक 91,370 मामलों में कर अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई में 7.08 लाख करोड़ रुपए की वस्तु एवं सेवा कर (GST) चोरी का पता चला है.

केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी पिछले हफ्ते कहा था कि कर्नाटक में छोटे व्यापारियों को जारी किए गए जीएसटी नोटिस राज्य सरकार की ओर से हैं, केंद्र सरकार की ओर से नहीं.

भारत सरकार ऐसे सामानों पर जीएसटी कम करने पर विचार कर रही है जो मिडिल क्लास और लोअर इनकम वाले घरों में डेली यूज में आते हैं. जिसपर सरकार अभी 12 फीसदी जीएसटी ले रही है.