Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

himanta biswa sarma

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न को पाकिस्तानी संगठन से जोड़ने वाली रिपोर्ट पर कहा कि गौरव गोगोई को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी पत्नी ने भारत की नागरिकता हासिल की है या नहीं.

असम की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने आधार कार्ड जारी करने के लिए नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) का आवेदन अनिवार्य कर दिया गया है.

असम में सार्वजनिक रूप से गोमांस खाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. मुख्यमंत्री सरमा ने इस बात पर जोर दिया कि नया प्रावधान राज्य में मवेशी हत्या रोकने के सरकार के उद्देश्य के अनुरूप है.

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि यह निर्णय जिले के लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करेगा. उन्होंने कहा कि पुराना नाम करीमगंज, असमिया या बंगाली भावनाओं से जुड़ा हुआ नहीं था.

असम के सीएम ने कहा कि राहुल गांधी की सामंतवादी सोच है कि सबकी जातीय जनगणना हो, लेकिन खुद उनसे उनकी जाति नहीं पूछी जाए. वे चाहते हैं कि नरेंद्र मोदी, हिमंता बिस्वा सरमा, अनुराग ठाकुर और अमित शाह अपनी जाति बताएं.

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मुसलमान आबादी की जनसंख्या 26 प्रतिशत है. धीरे-धीरे ये प्रतिशत भी हर 10 साल में 29 प्रतिशत की स्पीड से बंगाल में बढ़ रही है.

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिश्वा शर्मा ने कहा कि विवाहित लड़की को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. वे विवाहित लड़कियां अपवाद होंगी, जो पीजी पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रही हैं, उन्हें भी लाभ मिलेगा.

राष्ट्रीय राजधानी में चुनाव प्रचार के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि दिल्ली की जनता जेल से अंतरिम जमानत पर निकले हुए दिल्ली के भ्रष्टाचारी मुख्यमंत्री की बातों पर क्यों ध्यान देगी? भाजपा के सामने केजरीवाल का कोई एजेंडा नहीं है.

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने जिन शर्तों को बताया है, उनमें- परिवार में दो बच्चे हों, बहुविवाह से बचना और नाबालिग बेटियों की शादी को रोकना शामिल है.

CAA बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश करने वाले और उसके बाद पांच साल तक देश में रहने वाले हिंदू, जैन, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान करता है.