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Indian Constitution

CJI B.R. Gavai Speech: SIFOCC के 6ठे पूर्ण सत्र में संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर देश के मुख्य न्यायाधीश गवई ने संबोधन दिया. उन्‍होंने कहा कि व्यावसायिक कानून, सेबी, मध्यस्थता, आईबीसी जैसे कानूनों ने देश में पारदर्शिता बढ़ाई.

जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में डॉ. एलएम सिंघवी स्मृति व्याख्यान के दौरान CJI बी. आर. गवई ने मानव गरिमा को संविधान का मूल तत्व बताते हुए इसके संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया. उन्‍होंने कहा- मानव गरिमा संविधान की आत्मा है.

जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि भारत का संविधान तभी जीवित रहेगा, जब न्यायपालिका में स्वतंत्र, साहसी और निडर न्यायाधीश होंगे. उन्होंने कानून के शासन और न्यायिक स्वतंत्रता को लोकतंत्र की नींव बताया.

इमरजेंसी की 50वीं बरसी पर सीएम भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. कहा- 1975 में लोकतंत्र का गला घोंटा गया, एक लाख से अधिक सेनानियों को जेल में डाला गया.

सीजेआई बीआर गवई बोले- "संविधान सर्वोच्च है, संसद इसके अधीन है. लोकतंत्र के तीनों अंग संविधान के तहत कार्य करते हैं." उन्होंने बुलडोजर जस्टिस के खिलाफ फैसले में आश्रय के अधिकार को सर्वोपरि बताया.

ऑक्सफोर्ड यूनियन में सीजेआई बी आर गवई ने कहा कि न्यायिक सक्रियता जरूरी है, लेकिन इसकी सीमाएं तय होनी चाहिए. उन्होंने संविधान को सामाजिक न्याय और उत्पीड़ित वर्गों के उत्थान का माध्यम बताया.

वॉशिंगटन में आयोजित कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि भारतीय न्यायपालिका संविधान की रक्षा करते हुए देश की विविधता और लोकतंत्र को मजबूती देती है.

CJI जस्टिस बी.आर. गवई ने ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारतीय संविधान को सामाजिक क्रांति का प्रतीक बताया. उन्‍होंने कहा- भारत में संविधान निर्माता डॉ. आंबेडकर की दूरदर्शिता और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से वंचितों को न्याय और प्रतिनिधित्व मिला.

सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने मध्यस्थता फैसलों को संशोधित करने के अधिकार को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. अदालतों को सीमित परिस्थितियों में मध्यस्थता पुरस्कारों में संशोधन करने की शक्ति दी गई है.

Waqf Act News: आज सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संपत्तियों की यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया. न कोई डिनोटिफिकेशन होगा, न नई नियुक्तियां. अगली सुनवाई 5 मई को होगी, केंद्र को 7 दिन में जवाब देना होगा.