Navratri 2026 : नवरात्र के पहले दिन देशभर के मंदिरों में लगी भक्तों की भीड़, देखिए नजारा
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन देशभर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें मंदिरों के बाहर लग गईं। चैत्र नवरात्रि के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की और व्रत रखकर सुख-समृद्धि की कामना की।
होली के कितने रंग! कहीं वीरता तो कहीं भक्ति, जानें हर राज्य की परंपराएं और अंदाज
होली का नाम सुनते ही गुलाल और मस्ती का ख्याल आता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे देश में होली के नाम और मनाने के तरीके अलग-अलग राज्यों में कितने भिन्न हैं? आइए जानते हैं भारत की विविध होली परंपराओं के अनसुने किस्से.
छठ पूजा: आस्था और अर्थव्यवस्था का महापर्व, ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा; ₹38,000 करोड़ के व्यापार का अनुमान
Chhath Puja 2025: इस वर्ष छठ पूजा पर देशभर में ₹38,000 करोड़ का व्यापार होने का अनुमान है. यह पर्व आस्था, सामाजिक एकता और 'आत्मनिर्भर भारत' का प्रतीक है.
Diwali 2025: दुनिया में गूंजती रोशनी, भारत ही नहीं, इन देशों में भी चमकती है दिवाली की रौनक
Diwali 2025: दिवाली पूरे भारतवर्ष का सबसे बड़ा और प्रमुख त्योहार है. ये केवल एक पर्व नहीं बल्कि खुशियों, आशा और एकता का प्रतीक है. इस पर्व को सनातन धर्म में अच्छाई पर बुराई का प्रतीक माना जाता है.
Navratri 2025: Maa Durga के अनन्य भक्त Baba Nageshwar सीने पर 21 कलश रखकर करते है आराधना
पटना में शारदीय नवरात्रि का आरंभ श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत स्वरूप के साथ हुआ है। नौलखा मंदिर में बाबा नागेश्वर पिछले 29 वर्षों से एक अनोखी परंपरा निभा रहे हैं। वे उपवास रहकर अपने सीने पर 21 कलश स्थापित करते हैं और माता की आराधना में लीन रहते हैं। यह कठिन साधना भक्तों के लिए आस्था की मिसाल है। नवरात्रि पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और हर कोई बाबा नागेश्वर की तपस्या को नमन कर रहा है। भारत एक्सप्रेस संवाददाता आशुतोष कुमार ने इस मौके पर बाबा नागेश्वर और मंदिर व्यवस्थापक से खास बातचीत की, देखिए हमारी ये रिपोर्ट...





