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Indira Gandhi

पीएम मोदी ने लिखा, सत्ता पर टिके रहने के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने हर लोकतांत्रिक सिद्धांत की अवहेलना की और देश को जेलखाना बना दिया.

भारत के लोकतंत्र पर जो काला धब्बा लगा था, कल उसके 50 साल हो रहे हैं. भारत की नई पीढ़ी इस बात को कभी नहीं भूलेगी कि भारत के संविधान को पूरी तरह नकार दिया गया था.

तत्कालीन प्रधानमंत्री के अंगरक्षक बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की उनके आवास पर हत्या कर दी थी. इनमें से एक के बेटे ने फरीदकोट सीट से जीत दर्ज की है.

ये वो समय था, जब 10वीं लोकसभा के लिए देश में चुनाव हो रहे थे. ये राजनीतिक अस्थिरता का दौर था और अर्थव्यवस्था भी गहरे संकट से गुजर रही थी.

इमरजेंसी के दौरान पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित अमेरिकी पत्रकार लुईस एम. सिमंस को भारत से निर्वासित कर दिया गया था. उस जमाने में उन्होंने अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट के लिए एक खबर लिखी थी, जिसमें बताया था कि एक पार्टी के दौरान संजय गांधी ने अपनी मां इंदिरा गांधी को थप्पड़ मार दिया था.

आपातकाल के दौरान नागरिक स्वतंत्रता और अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था. इसी दौरान इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी ने नसबंदी का एक विवादास्पद अभियान चला रखा था. उसी दौरान यह नारा काफी चर्चित हुआ था.

इंदिरा गांधी 1977 के आम चुनावों में हार चुकी थीं और सत्ता में दोबारा वापसी के लिए तमाम गुणा-गणित लगा रही थीं. इन सबके बीच तत्कालीन जनता पार्टी की सरकार में उप-प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम का दावा भी प्रधानमंत्री पद के लिए मजबूत माना जा रहा था.

फिल्म ‘किस्सा कुसी का’ का निर्देशन अमृत नाहटा ने किया था. यह एक राजनीतिक व्यंग्य थी. फिल्म में शबाना आजमी, उत्पल दत्त, रेहाना सुल्तान, सुरेखा सीकरी और राज किरण प्रमुख भूमिकाओं में थे.

भाजपा सांसद मेनका गांधी कभी कॉलेज में होने वाले ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं. महज 17 साल की उम्र में उन्होंने पहला विज्ञापन किया था. एक शादी पार्टी में उनकी संजय गांधी से मुलाकात हुई थी.

यह स्वीकार करना आवश्यक है कि राजनीतिक फंडिंग में भाजपा का प्रभुत्व उसकी चुनावी सफलता और लोकप्रियता का प्रतिबिंब है। हालाँकि, इसे एक जीवंत और प्रभावी विपक्ष की आवश्यकता पर हावी नहीं होना चाहिए। इमरजेंसी और गठबंधन की राजनीति के दौर में ऐतिहासिक प्रसंगों से मिले सबक, राष्ट्र के लोकतांत्रिक ढांचे की सुरक्षा के लिए नियंत्रण और संतुलन के महत्व को रेखांकित करते हैं।