पुरी रथ यात्रा में परिवार के साथ शामिल हुए उद्योगपति गौतम अदाणी, महाप्रसाद की रसोई में किया सेवा कार्य
उद्योगपति गौतम अडानी ने परिवार के साथ आज ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा में भाग लिया.
Jagannath Rath Yatra 2025: पुरी रथ यात्रा के बीच कैसे अस्पताल पहुंचे 600 से ज्यादा श्रद्धालु? जानें क्या है वजह
Jagannath Rath Yatra 2025: पुरी रथ यात्रा 2025 में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और तेज उमस के कारण कई लोग बेहोश हो गए. 600 से ज्यादा भक्तों को अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किए.
‘चिलचिलाती धूप में अद्भुत उत्साह’…, BJP सांसद मनोज तिवारी ने पुरी में शुरू हुई जगन्नाथ रथ यात्रा में लिया भाग
सांसद मनोज तिवारी ने एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "जय जगन्नाथ.. आज भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में भाग लिया.. चिलचिलाती धूप में अद्भुत उत्साह.. दिल्ली की सड़कों पर.. उड़िया भाई बहनों के साथ.."
Jagannath Rath Yatra 2025: क्यों सोने की झाड़ू से की जाती है सफाई? जानें क्या है रथ की रस्सी छुने के पीछे की मान्यता!
Jagannath Rath Yatra 2025: पुरी में आज भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा का भव्य आयोजन होगा. श्रद्धालु रथ खींचने को उत्सुक, सुरक्षा कड़ी। धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ पूरे वैभव से निकलेगा रथ.
Jagannath Rath Yatra: भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में बने भगदड़ जैसे हालात! एक श्रद्धालु की मौत, सैकड़ों घायल; सीएम ने किया ये ऐलान
Puri News: घटना पुरी में रथ यात्रा के दौरान भगवान बलभद्र के तालध्वज रथ को खींचने के दौरान हुई.
जगन्नाथ रथ यात्रा से जुड़ी हैं पीएम मोदी की पुरानी यादें, सोशल माीडिया पर वायरल हुईं 39 साल पहले की तस्वीरें
गुजरात में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 101वीं जगन्नाथ रथयात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था. कांग्रेस के शासनकाल में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान प्रतिबंध और कर्फ्यू आम बात थी.
Jagannath Rath Yatra 2024: इस बार दो दिन की क्यों है जगन्नाथ रथ यात्रा, जानें खास बातें
Jagannath Rath Yatra 2024: इस साल जगन्नाथ रथ यात्रा दो दिनों तक चलने वाली है. रथ यात्रा की शुरुआत 7 जुलाई को होगी और समापन 8 जुलाई को होगा.
Rath Yatra 2024: नारियल की लकड़ी से ही क्यों बनाए जाते हैं भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथ
Jagannath Rath Yatra: जगन्नाथ रथ यात्रा में तीन रथ तैयार किए जाते हैं. जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा सवार होकर नगर भ्रमण करते हैं. रथों में नारियल की लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है.





