8 अप्रैल 1974: जब पटना की सड़कों पर उतरी थी ‘मौन क्रांति’: जेपी की जीवनी में कैद है लोकतंत्र की आजादी की गाथा
8 अप्रैल 1974 का दिन भारतीय राजनीति में अहिंसक संकल्प का प्रतीक है. सुप्रसिद्ध इतिहासकार बिमल प्रसाद और सुजाता प्रसाद की पुस्तक 'क्रांति का सपना' (वाणी प्रकाशन) जेपी के उस मौन जुलूस की याद दिलाती है.
लोकनायक जयप्रकाश नारायण एक ऐसा नाम जिसने सत्ता को चुनौती दी लेकिन खुद सत्ता से हमेशा दूर रहे, ऐसा क्यों? जानिए उनके संघर्षों और विचारों की कहानी
11 अक्टूबर को जयप्रकाश नारायण की जयंती पर देश उन्हें संपूर्ण क्रांति, लोकतंत्र की रक्षा और सत्ता से दूर रहकर जनसेवा के प्रतीक के रूप में याद कर रहा है. जानिए उनके संघर्षों और विचारों की कहानी.
जब धोतियों की रस्सी बनाकर जेल की 17 फीट ऊंची दीवार लांघ जयप्रकाश नारायण ने अंग्रेजों को दिखाया था ठेंगा
JP के नाम से मशहूर जयप्रकाश नारायण (Jayaprakash Narayan) को सविनय अवज्ञा आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए उन्हें अंग्रेजी हुकूमत ने गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था.
जब जेपी ने नेहरू से कहा- क्या एक गरीब देश के प्रधानमंत्री को महल में रहना शोभा देता है?
1952 के लोकसभा चुनावों में अपनी भारी जीत के बाद जवाहर लाल नेहरू ने जेपी को अपने डिप्टी के रूप में अपनी सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था.
जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण को लेकर लखनऊ में विवाद, सपा ने योगी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की जयंती मनाने के लिए अखिलेश यादव गुरुवार रात जेपी सेंटर गए थे. वह यहां लगी उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें जाने की इजाजत नहीं दी.





