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Kanwar Yatra

Gangotri to Deoghar padyatra Suresh Ji: बिहार के लखीसराय निवासी सुरेश जी 46 दिनों की पैदल यात्रा पूरी कर गंगोत्री धाम से गंगाजल लेकर आरा पहुंचे. वे अब देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर शिवलिंग का जलाभिषेक करने की तैयारी में हैं.

भाजपा सांसद मनोज तिवारी (BJP MP Manoj Tiwari) की कावड़ यात्रा पूरी हो चुकी है. धार्मिक अनुष्ठान (Kanwar Yatra) के बाद वह अपने कर्तव्य पथ पर लौटे और पैरों में छालों के बावजूद भी संसद पहुंच.

Manoj Tiwari: सांसद मनोज तिवारी ने 110 किलोमीटर की बाबा वैद्यनाथ धाम कांवड़ यात्रा पूरी कर रविवार देर रात दिल्ली वापसी की. इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर दी.

कंधे पर कांवड़ लिए Manoj Tiwari ने महाकवि योगेश फाउंडेशन के कांवड़ शिविर में विश्राम किया, जहां उन्होंने बिना कांवड़ उतारे ही भजनों की मधुर प्रस्तुति दी.

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने बताया कि आज (31 जुलाई) दोपहर 2 बजे बिहार के सुल्तानगंज से जल लेकर नंगे पांव 110 किलोमीटर की यात्रा करेंगे और 2 या 3 अगस्त को देवघर में बाबा वैद्यनाथ धाम में जल अर्पित करेंगे.

Kanwar Yatra 2025: सुप्रीम कोर्ट ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाने-पीने की दुकानों के बाहर QR कोड अनिवार्य करने के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के फैसले को बरकरार रखा है.

Sawan 2025 Kanwar Yatra: इन दिनों कांवड़ यात्रा का दौर चल रहा है. ऐसे में एक अनोखा यात्रा सामने आया है जो पीएम मोदी सरकार की 75 योजनाओं के नाम पर 75 लीटर गंगाजल के साथ यात्रा कर रहा है.

20 जुलाई को मेरठ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा में भाग ले रहे श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की. इस दृश्य ने भक्तिभाव, प्रशासन और सम्मान का अद्भुत संगम पेश किया.

श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2025 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं. हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान केदारनाथ मंदिर के आकार की एक अनोखी कांवड़ लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है. यह कांवड़ 2013 केदारनाथ त्रासदी के पीड़ितों को समर्पित है.

गाजियाबाद दिल्ली भोपुरा बॉर्डर से भारत एक्सप्रेस की स्पेशल कवरेज की गई. दिल्ली बॉर्डर में प्रवेश करते ही कांवड़ियों के स्वागत में सोमनाथ द्वारा बनाया गया. यहीं से दिल्ली सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा कांवड़ियों के रुकने और खाने पीने के कई तरह के इंतजाम देखने को मिले. फुटपाथ और सड़क के बीच में कावड़िया लेन बनाई गई. ताकि किसी भी तरह से कांवड़ियों की यात्रा में प्रावधान न आए और वह सुरक्षित भी रहे. इसके लिए दिल्ली पुलिस के साथ अर्ध सैनिक बलों (CRPF) की भी तैनाती की गई है.