Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

Kanwar Yatra

सावन महीने में कांवड़ यात्रा के सुचारु संचालन को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक की. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं.

कांवड़ यात्रा की शुरुआत रावण ने की थी जब वह गंगाजल लाकर भगवान शिव का अभिषेक करता था. जानिए कैसे रावण की यह श्रद्धा आज भी चल रही है परंपरा बनकर.

Char Dham Yatra 2025 में अब तक 38 लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे, लेकिन दिल और फेफड़ों की समस्याओं से 169 श्रद्धालुओं की मौत हुई. सरकार ने यात्रियों से अनिवार्य स्वास्थ्य जांच और डॉक्टरों की सलाह मानने की अपील की है.

Kanwar Yatra 2025: इस बार कांवड़ यात्रा में महिला सुरक्षा के लिए योगी सरकार ने 10,000+ महिला पुलिसकर्मी तैनात कीं, 150+ हेल्प डेस्क और शक्ति बूथ स्थापित की जा रहीं, क्यूआरटी गश्त बढ़ाई गई.

कांवड़ यात्रा में तेज आवाज और ऊँचाई वाले DJ पर अब प्रशासन सख्त हो गया है. मेरठ समेत कई जिलों में 30 बड़े DJ संचालकों और आयोजकों को नोटिस दिए गए हैं, नियम तोड़ने पर जब्ती की चेतावनी दी गई है.

कांवड़ यात्रा के दौरान चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं. एसपी सिटी ने बताया कि इस बार सभी कांवड़ शिविरों में पुलिस बल की तैनाती होगी

Kanwar Yatra 2025 को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने नीलकंठ और हरिद्वार मेला क्षेत्रों में ज़ोनवार सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. श्रद्धालुओं से नियमों के पालन की अपील की गई है.

Kanwar Yatra 2025 के दौरान नोएडा पुलिस ने कांवड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक रूट में बड़े बदलाव किए हैं. भारी वाहन अब ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे और जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है.

सावन का महीना शुरू होते ही उत्तर भारत के कई हिस्सों में एक खास नजारा देखने को मिलता है हर ओर केसरिया वस्त्रों में सजे शिवभक्त, कंधे पर गंगाजल से भरी कांवड़ उठाए लंबी यात्रा पर निकलते हैं. यह यात्रा भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है. भक्तजन गंगा नदी से जल भरकर विभिन्न शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं और शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं. इसे ही कांवड़ यात्रा कहा जाता है.

कांवड़ यात्रा सावन का एक प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जिसकी शुरुआत के पीछे कई पौराणिक कहानियां जुड़ी हैं. जानिए भगवान परशुराम, रावण और श्रवण कुमार से जुड़ी मान्यताएं.