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Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
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mahatma gandhi

1946 का वर्ष भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अंतिम चरण का था, जब सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही थी. कांग्रेस पार्टी को अपना नया अध्यक्ष चुनना था, और यह पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा था.

दांडी मार्च की वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषितम् साझा कर सत्याग्रहियों को याद किया. अमित शाह और सीएम योगी ने भी बापू के नमक सत्याग्रह को नमन किया.

दांडी मार्च की वर्षगांठ पर गृह मंत्री अमित शाह ने महात्मा गांधी और सत्याग्रहियों को दी श्रद्धांजलि. जानिए कैसे 12 मार्च 1930 को शुरू हुई इस यात्रा ने 'स्वदेशी' और 'आत्मनिर्भरता' की नींव रखी.

चौरी चौरा कांड की 104वीं वर्षगांठ पर यह घटना फिर याद दिलाती है कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहिंसा और जनाक्रोश के बीच संतुलन कितना जटिल था. 1922 की इस घटना ने ना सिर्फ असहयोग आंदोलन को रोका, बल्कि राष्ट्रीय आंदोलन की दिशा और बहस को हमेशा के लिए बदल दिया.

VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने फिल्म ‘गोदान’ को गौ-रक्षा, गांधी-विवेकानंद के विचारों और संस्कृति से जुड़ा एक सशक्त सामाजिक संदेश बताया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर नई दिल्ली स्थित गांधी स्मृति में प्रार्थना सभा में भाग लिया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.

30 जनवरी को शहीद दिवस पर रखा जाने वाला दो मिनट का मौन सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि आज़ादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि है. जानिए कैसे फील्ड मार्शल के.एम. कारियप्पा के सुझाव और पंडित नेहरू की पहल से इस राष्ट्रीय परंपरा की शुरुआत हुई.

आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि है. इस मौके पर पीएम मोदी ने बापू के सिद्धांतों को याद करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर भारत की प्रेरणा बताया. देशभर में आज शहीद दिवस के रूप में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है.

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहिंसा और स्वदेशी के विचारों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने कहा कि अहिंसा में वह शक्ति है जो बिना हथियार के दुनिया को बदल सकती है और स्वदेशी आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है.

जानकारी के लिए बता दें कि मनरेगा को साल 2005 में ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से शुरू किया गया था. इसकी खासियत यह है कि मनरेगा दुनिया के सबसे बड़े रोजगार गारंटी कार्यक्रमों में से एक है. 2022-23 तक इस योजना के तहत करीब 15.4 करोड़ एक्टिव मेंबर रजिस्टर्ड थे. सरकार की ओर से शुरू किए गए इस योजना का उद्देश्य था अधिकार-आधारित सिस्टम के जरिए गरीबी की जड़ को दूर करना.