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Makar Sankranti

Makar Sankranti 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी का आनंद लिया. पेंच लड़ाते वक्त कटी पतंग, लेकिन जोश रहा हाई. देखें वीडियो और तस्वीरें

Bihar News: मकर संक्रांति पर तेजप्रताप यादव ने पटना स्थित अपने आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया. इस भोज में लालू यादव, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और कई दिग्गज नेता शामिल हुए. आयोजन को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं.

संक्रांति के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए इसे आशा, सकारात्मकता और नई शुरुआत का प्रतीक बताया. अपने संदेश में उन्होंने सांस्कृतिक एकता और किसानों के योगदान पर विशेष जोर दिया.

Aaj Ka Panchang 14 January 2026 Makar Sankranti: आज का दिन ज्योतिषीय इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा. आज मकर संक्रांति, षटतिला एकादशी और पोंगल का एक साथ होना किसी चमत्कार से कम नहीं है. हालांकि, राहुकाल नजरें गड़ाए बैठा है. ऐसे में पढ़िये आज का पंचांग और जानिए शुभ समय

Makar Sankranti 2026: इस साल मकर संक्रांति की तारीख को लेकर लोगों में काफी उलझन देखने को मिल रही है. कहीं 14 जनवरी को पर्व मनाने की बात हो रही है तो कहीं 15 जनवरी को. इस असमंजस के कारण लोग सही दिन तय नहीं कर पा रहे थे. हालांकि, ज्योतिषविदों ने पंचांग का अध्ययन कर अब स्पष्ट कर दिया है.

Andhra Pradesh Cockfight: आंध्र प्रदेश में मकर संक्रांति पर मुर्गों की लड़ाई की तैयारियां जोरों पर हैं. चूजों की कीमत 50 हजार से 2 लाख रुपये तक पहुंच गई है और सट्टेबाज करोड़ों का दांव लगाने को तैयार हैं.

महाकुंभ की शुरुआत में 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम के ठंडे पानी में आस्था की डुबकी लगाई. पवित्र स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और समर्पण का अद्भुत दृश्य देखा गया.

मकर संक्रांति के अवसर पर शहर में बढ़ने वाले यातायात को ध्यान में रखते हुए, प्रयागराज प्रशासन ने लिया  एक महत्वपूर्ण फैसला है 1 से 8 तक के सभी स्कूलों 15 जनवरी को स्थगित रहेंगी.

MahaKumbh 2025: पौष पूर्णिमा स्नान पर्व के बाद अब मंगलवार को महाकुंभ का महास्नान शुरू हो चुका है. मकर संक्रांति पर सबसे पहले अखाड़ों ने अमृत स्नान किया. संगम तट पर देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई.

मकर संक्रांति का त्योहार को देश के सभी राज्यों में अलग-अलग नाम से जाना जाता है. इसे ‘खिचड़ी’ के नाम से भी जाना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन चावल, उड़द और तिल दान का विशेष महत्व रहता है.