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Maratha reservation

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे ने एक बार फिर मुंबई में बड़े आंदोलन का ऐलान किया है. जरांगे के नेतृत्व में समर्थक 15 सितंबर से मुंबई के लिए मार्च शुरू करेंगे और 19 सितंबर से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे.

निज़ामकालीन सरकार द्वारा जारी 1918 का हैदराबाद गजट हैदराबाद राज्य (अब महाराष्ट्र का मराठवाड़ा क्षेत्र) के मराठा समुदाय सहित कुछ समुदायों को कुनबी के रूप में मान्यता देता है.

मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से दोपहर 3 बजे तक स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया.

मराठा आरक्षण (Maratha Reservation) मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से गठित तीन सदस्यीय पैनल मराठा नेता मनोज जरांगे (Manoj Jarange) से मुलाकात करेगा.

भूख हड़ताल पर डटे लोगों की मांग है कि मराठा समुदाय को ओबीसी के तहत सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण दिया जाए. साथ ही मराठों को कुनबी जाति प्रमाण-पत्र देने वाला सरकारी आदेश पारित किया जाए. मराठा समुदाय के आर्थिक और सामाजिक पिछड़ेपन के सर्वे के लिए फंड दिया जाए.

जारांगे पाटिल ने मांग की कि मराठा समुदाय के सभी लोगों को कुनबी माना जाए और उन्हें तदनुसार (ओबीसी कोटा के तहत) आरक्षण दिया जाए.

Maratha Reservation Bill: महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने आज विधानसभा में मराठा आरक्षण विधेयक पेश किया. बिल में मराठाओं को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव दिया गया है.

Maratha Reservation: मराठा आरक्षण को लेकर मनोज जरांगे ने कहा कि वे 10 फरवरी से आमरण अनशन शुरू करेंगे. अगर आरक्षण को लेकर अध्यादेश लागू नहीं हुआ तो वे सख्त कदम उठाएंगे.

Maratha reservation movement ended: सीएम एकनाथ शिंदे ने मनोज जरांगे को जूस पिलाकर अनशन खत्म करवाया. इसके साथ ही आज से मराठा आरक्षण आंदोलन खत्म हो गया.

Maratha reservation Manoj Jarange: महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण आंदोलन को खत्म करवा दिया. शुक्रवार को सीएम शिंदे ने एक प्रतिनिधिमंडल मराठाओं से बातचीत के लिए भेजा.