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ब्रह्मांड के तमाम रहस्यों से अब तक पर्दा नहीं उठ सका है. हालांकि वैज्ञानिकों की खोज ने तमाम तथ्यों को हमारे सामने भी रखा है. हम आपको ब्रह्मांड से जुड़े कुछ ऐसे ही तथ्यों से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिन्हें जानकर आपका दिमाग हिल जाएगा.

मई की शुरूआत में चीन ने अपना चैंग'ई-6 मिशन लॉन्च किया था. उसका मकसद चांद के सबसे दूर वाले हिस्से (जहां अंधेरा होता है) पर जाकर सैंपल इकट्ठे करके वापस धरती पर लाना था, वो मिशन 53 दिन बाद पूरा हो गया है.

चीन चांद के अंधेरे हिस्से से सैंपल लाने वाला पहला देश बनना चाहता है. चीन की स्पेस एजेंसी का दावा है कि उनका चैंग'ई-6 लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव-ऐटकेन बेसिन में उतरा है.

नासा प्रमुख बिल नेल्‍सन ने ये भी कहा है कि अंतर‍िक्ष के क्षेत्र में चीन ने असाधारण प्रगत‍ि की है, लेकिन उसके ज्‍यादातर कार्यक्रम गोपनीय रहे हैं, ज‍िसके बारे में वह दुनिया को नहीं बताता है.

बीते दिनों अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सर्फबोर्ड के आकार की एक रहस्यमयी वस्तु की तस्वीरें जारी कीं, जो चंद्रमा की परिक्रमा कर रही थी. ये तस्वीरें नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (एलआरओ) द्वारा ली गई थीं.

Chandrayaan-3 Good News: चंद्रयान-3 मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेजा गया प्रोपल्शन मॉड्यूल परमाणु तकनीक से चांद के चारों तरफ चक्कर लगा रहा है. ISRO के वैज्ञानिकों का कहना है कि अब वो केवल 6 महीने नहीं बल्कि कई सालों तक काम कर सकता है. यहां विस्‍तार से जानिए...

Moon Mission: दुनियाभर के लोगों में चांद और अंतरिक्ष के बारे में जानने की दिलचस्पी बढ़ रही है. कुछ कंपनियां तो चांद पर जमीन भी बेचने लगी हैं, अब तक भारत के कई लोग चांद पर जमीन खरीद चुके हैं. यूपी के एक भाजपा नेता ने भी ऐसा दावा किया है...

हमारे चंद्रयान-3 के प्रज्ञान रोवर ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव इलाके में ऑक्सीजन होने की पुष्टि की है. यह काम प्रज्ञान में लगे पेलोड यानी यंत्र लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोपी (LIBS) ने किया है.

Chandrayaan-3 latest News: भारत की ओर से चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर (Vikram Lander) में चास्टे (ChaSTE) नाम का यंत्र लगाकर भेजा गया है. लैंडर में लगे उस पेलोड का काम है- चांद की सतह की गर्मी और ठंड को रिकॉर्ड करना. वो एक तरह का थर्मामीटर है.

ISRO Chandrayaan-3 Mission: भारत के चंद्रयान-3 ने लॉन्च होने के 41वें दिन आज चंद्रमा पर सक्सेसफुल लैंडिंग की. इसी के साथ भारत चंद्रमा के साउथ पोल पर उतरने वाला पहला देश बन गया. चंद्र मिशन को सफल बनाने के लिए इसरो के वैज्ञानिकों ने दिन रात एक कर दिया था, आज सभी जश्न में डूबे हैं